देश में पेट्रोल-डीजल और LPG की कोई किल्लत नहीं, Plan-B तैयार !

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रिपब्लिक समाचार, न्यूज़ डेस्क : मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ऊर्जा संकट (Energy Crisis) के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। कतर द्वारा फोर्स मेज्योर घोषित करने और गैस सप्लाई में रुकावट की खबरों के बीच भारतीय उपभोक्ताओं में डर का माहौल था। लेकिन, भारत सरकार के सूत्रों ने साफ कर दिया है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह मजबूत है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि हमारे पास पर्याप्त स्टॉक है और सप्लाई चैन को सुरक्षित रखने के लिए प्लान-बी पर काम शुरू हो चुका है।

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर अफवाहें उड़ रही थीं कि देश में पेट्रोल और डीजल की सीमित बिक्री की जा सकती है। सरकारी सूत्रों ने इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि सीमित बिक्री की कोई योजना नहीं है। भारत के पास अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (LPG) का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इतना ही नहीं, इस स्टॉक को हर दिन रिफिल भी किया जा रहा है ताकि भविष्य में कोई कमी न हो।

कतर का ऑप्शन तैयार, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया का साथ

कतर दुनिया की 20% एलएनजी (LNG) जरूरतों को पूरा करता है और भारत अपनी कुल 195 MMSCMD गैस आयात में से केवल 60 MMSCMD कतर से लेता है। कतर के हाथ खींचने के बाद भारत ने तेजी से वैकल्पिक बाजारों की तलाश शुरू कर दी है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने भारत को गैस बेचने का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा, भारत ने हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अमेरिका (US) के साथ नए समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे गैस की किल्लत का खतरा टल गया है।

सुरक्षित सप्लाई के लिए सरकार की रणनीति
युद्ध के बढ़ते खतरों को देखते हुए भारत सरकार दिन में दो बार ऊर्जा स्थिति की समीक्षा कर रही है। सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:

प्रायोरिटी सेक्टर को गैस : गेल (GAIL) फोर्स मेज्योर घोषित कर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों (जैसे खाद और बिजली) को निर्बाध गैस सप्लाई सुनिश्चित करेगा।
शिपिंग और इंश्योरेंस : समुद्र में बढ़ते खतरे के बीच जहाजों के बीमा के लिए भारत अमेरिका के साथ लगातार संपर्क में है।
ग्लोबल पार्टनरशिप: भारत इस समय प्रमुख तेल उत्पादकों, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) और ओपेक (OPEC) के साथ बातचीत कर रहा है ताकि कच्चे तेल और एलपीजी की निरंतरता बनी रहे।