लखनऊ, डॉ.जितेंद्र बाजपेयी : CM Yogi : महिला आरक्षण के मुद्दे पर आज यूपी विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन को संबोधित किया। उन्होंने सत्र को आधी आबादी यानी महिलाओं को समर्पित किया। मुद्दे पर बोलते हुए वह समाजवादी पार्टी पर भी बुरी तरह भड़के। उन्होंने सपा की मानसिकता को महिला विरोधी करार दिया।
सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर हमलावर होते हुए कहा, ‘याद रखना कि आप सभी लोग महिलाओं के श्राप से शापित हैं। मैं इसलिए कह रहा हूं कि आप कांग्रेस की दुर्गति देख रहे हैं। 40 साल हो गए हैं, उत्तर प्रदेश कांग्रेस की दिशा से लगातार बंजर होता जा रहा है। कमोबेश आपने कांग्रेस का अनुसरण करना शुरू कर दिया है तो आपको भी उसी बंजर दिशा में जाना ही जाना है, यह तय है।’
कांग्रेस पर बरसे योगी, पतन का बताया कारण
उन्होंने आगे कहा, ‘कांग्रेस के पतन का कारण क्या था। एक मुस्लिम महिला के साथ हुए अत्याचार पर मौलवियों के सामने घुटने टेककर नाक रगड़ने की प्रवृति है। शाहबानो के मामले में सभी ने देखा, जो मुस्लिम महिला के साथ अन्याय किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने किस तरह की टिप्पणियां की थी। अगर कांग्रेस यह पाप नहीं करती, मौलवियों के दबाव में नहीं आती, भारत के कानून का सम्मान करके शाहबानो को न्याय दिलाया होता तो यह दुर्गति नहीं होती।’
तीन तलाक का भी विरोध किया- सपा पर भड़के
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आपका महिला विरोधी आचरण तीन तलाक के मुद्दे पर भी देखने को मिला था। आपने शाहबानो के साथ तो अन्याय किया ही, लेकिन जब तीन तलाक का कानून आ रहा था तब भी इंडी गठबंधन (कांग्रेस-सपा) ने इस कुप्रथा का समर्थन किया। दुनिया में तमाम देश तीन तलाक की कुप्रथा को नहीं मानते, लेकिन आप सुधरेंगे नहीं। वही कठमुल्लापन की ओर देश को ले जाना चाहते हैं। यह देश फतवे की राजनीति बंद करवा चुका है। लेकिन आप इसे मानने को तैयार नहीं है। आपने तीन तलाक के बिल का भी विरोध किया।’
‘माफियाओं के सामने नाक रगड़ते थे…’
उन्होंने आगे कहा कि ‘आप उन दुर्दांत माफियाओं के सामने नाक रगड़ते थे। समाजवादी पार्टी की ही विधायक पूजा पाल उसका सबसे बड़ा उदाहरण है। एक गुंडे और माफिया के सामने समाजवादी पार्टी किस तरह से नतमस्तक होती थी, जब राजू पाल की हत्या हुई। आप पूजा पाल के आंसूओं को भी नहीं पोंछ पाए थे। आपकी कोई सहानुभूति नहीं थी। आप जाति के नाम पर समाज को बांटते हैं। आपकी सहानुभूति वास्तव में महिलाओं के प्रति नहीं है, पिछड़ों और दलितों के प्रति भी नहीं है।’
