नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : Cyclone Ditwah : शुक्रवार को राहत का पहला बड़ा जत्था भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत और युद्धपोत आईएनएस उदयगिरि द्वारा श्रीलंका पहुँचाया गया था। दोनों जहाज़ आवश्यक रसद लेकर कोलंबो पहुँचे और उन्हें श्रीलंकाई अधिकारियों को सौंप दिया।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने जानकारी दी है कि भारत का C-130J विमान लगभग 12 टन मानवीय सहायता लेकर कोलंबो पहुँच गया है। यह सामग्री ऑपरेशन सागर बंधु के तहत भेजी गई है, जिसे भारत ने शुक्रवार को श्रीलंका में आए चक्रवात दितवा के बाद तत्काल राहत पहुंचाने के लिए शुरू किया था। इस भीषण चक्रवात में अब तक 80 से ज्यादा लोगों की मृत्यु हो चुकी है। जयशंकर ने ‘X’ पर लिखा: “#OperationSagarBandhu आगे बढ़ रहा है। भारतीय वायुसेना का C-130J विमान लगभग 12 टन राहत सामग्री जिनमें टेंट, तिरपाल, कंबल, स्वच्छता किट और रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री शामिल हैं, कोलंबो पहुँच गया।”
श्रीलंका में जान-माल के नुकसान की खबर दुखद- PM MODI
इससे पहले, शुक्रवार को राहत का पहला बड़ा जत्था भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत और युद्धपोत आईएनएस उदयगिरि द्वारा श्रीलंका पहुँचाया गया था। दोनों जहाज़ आवश्यक रसद लेकर कोलंबो पहुँचे और उन्हें श्रीलंकाई अधिकारियों को सौंप दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी X पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि श्रीलंका में जान-माल के नुकसान की खबर दुखद है और भारत अपने “सबसे करीबी समुद्री पड़ोसी” के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है।
उन्होंने कहा कि राहत सामग्री और HADR (Humanitarian Assistance and Disaster Relief) उपकरण तत्काल भेज दिए गए हैं। पीएम मोदी ने लिखा, “स्थिति के अनुरूप भारत और सहायता देने के लिए तैयार है।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह सहायता भारत की Neighbourhood First नीति और Vision MAHASAGAR के अंतर्गत दी जा रही है।
चक्रवात दितवा के कारण भूस्खलन की स्थिति गंभीर होती जा रही है
हम आपको बता दें कि चक्रवात दितवा के कारण श्रीलंका में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति गंभीर होती जा रही है। यह हाल के वर्षों में देश के सामने आई सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक मानी जा रही है। 80 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और कई प्रांतों में भारी तबाही दर्ज की गई है। श्रीलंका के आपदा प्रबंधन केंद्र (DMC) के अनुसार अब तक 61 लोगों की मौत और 25 लोग लापता हैं। लगभग 12,000 से अधिक परिवारों के 44,000 लोग प्रभावित हुए हैं। पश्चिमी प्रांत में केलनी और अत्तनागलु नदियों का जलस्तर बढ़ने से “अभूतपूर्व आपदा” की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग ने बताया है कि देश के उत्तरी, मध्य, उत्तर-मध्य, उत्तर-पश्चिमी, सबरगमुवा और पश्चिमी प्रांतों में 200 मिमी से अधिक बारिश की संभावना है। त्रिंकोमाली, बदुला, गाले और मतारा जिलों में भी 150 मिमी से अधिक वर्षा होने की चेतावनी दी गई है। DMC ने बताया कि अब तक 4 घर पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं और 600 से अधिक आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
