जबलपुर, संवाददाता : jabalpur News :जबलपुर हाईकोर्ट ने रिश्वत के आरोप में चार साल की सजा पाए पुलिस आरक्षक विवेक साहू की अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने उसका बेल बॉन्ड निरस्त कर उसे जेल भेजने का आदेश दिया।
जबलपुर में रिश्वत के आरोप में ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उचित ठहराते हुए पुलिस आरक्षक की अपील खारिज कर दी। हाईकोर्ट के जस्टिस राजेन्द्र कुमार वाणी ने अपीलकर्ता का बेल बॉन्ड निरस्त कर उसे जेल भेजने का आदेश दिया है।
अपीलकर्ता विवेक साहू ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत ट्रायल कोर्ट द्वारा चार साल की सजा दिए जाने के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। अभियोजन के अनुसार, विवेक साहू जबलपुर के शाहपुरा थाने में पुलिस आरक्षक के पद पर तैनात था।
शिकायतकर्ता देवी सिंह के खिलाफ चेक बाउंस के मामले में गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था, लेकिन बाद में वह न्यायालय से जमानत प्राप्त कर चुकी थीं। इसके बावजूद अपीलकर्ता ने शिकायतकर्ता को गिरफ्तारी की धमकी देते हुए रिश्वत की मांग की। शिकायत के आधार पर लोकायुक्त ने अपीलकर्ता को दो हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा।
अपील को खारिज कर दिया
ट्रायल कोर्ट ने सुनवाई के बाद विवेक साहू को दोषी करार देते हुए चार साल की सजा से दंडित किया था। हाईकोर्ट ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर ट्रायल कोर्ट के फैसले को उचित ठहराते हुए अपील को खारिज कर दिया। एकलपीठ ने अपीलकर्ता के बेल बॉन्ड निरस्त करते हुए उसे हिरासत में लेकर जेल भेजने का आदेश जारी किया।
