डॉ. अतुल मलिकराम को मिला ‘कार्बन फुटप्रिंट/जीएचजी अकाउंटिंग’ सर्टिफिकेशन

dr-malik-ram

इंदौर, डिजिटल डेस्क : देश के चर्चित राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम को परीक्षण, निरीक्षण और प्रमाणन (टीआईसी) सेवाओं में वर्ष 1828 से कार्यरत अग्रणी वैश्विक फ्रांसीसी कंपनी ब्यूरो वेरिटास द्वारा ‘कार्बन फुटप्रिंट/जीएचजी अकाउंटिंग 14064:2018’ सर्टिफिकेशन प्रदान किया गया है।

यह प्रमाणन उन्हें 23, 24 और 25 फरवरी को आयोजित वर्चुअल प्रशिक्षण सत्र के बाद आयोजित परीक्षा को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने पर मिला। राजनीतिक रणनीति में डॉक्टरेट (पीएचडी) की मानद उपाधि प्राप्त कर चुके डॉ. अतुल मलिकराम के लिए यह उपलब्धि उनके बहुआयामी कार्यक्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव जोड़ती है। वे पिछले कुछ वर्षों से भारतीय राजनीति, जनसंपर्क और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपनी अलग पहचान बना चुके हैं।

राजनीतिक विश्लेषण के क्षेत्र में उनकी कई भविष्यवाणियाँ भी चर्चा में रही

डॉ. मलिकराम राजनीतिक रणनीतिकार होने के साथ-साथ पीआर कंसल्टेंट, लेखक, समाजसेवी और एंगर मैनेजमेंट विशेषज्ञ के रूप में भी जाने जाते हैं। खासकर हिंदी भाषी राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक पृष्ठभूमि में उन्होंने विश्लेषण और रणनीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है।

राजनीतिक विश्लेषण के क्षेत्र में उनकी कई भविष्यवाणियाँ भी चर्चा में रही हैं। मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक विधायकों के भाजपा में शामिल होने की संभावना से लेकर छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की राजनीतिक परिस्थितियों तथा 2024 के आम चुनावों में भाजपा-एनडीए के 294 सीटों तक पहुंचने के अनुमान जैसी कई भविष्यवाणियाँ बाद में सही साबित हुईं।

डॉ. मलिकराम ने डिजिटल मीडिया के माध्यम से भी क्षेत्रीय मुद्दों को उठाने का प्रयास किया है। उनके द्वारा संचालित ‘बुंदेलखंड 24×7’ डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म के जरिए बुंदेलखंड क्षेत्र की जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। साथ ही, एक सशक्त और सुव्यवस्थित पृथक बुंदेलखंड के विचार को भी उन्होंने नई ऊर्जा देने का प्रयास किया है। लेखन के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। वे ‘दिल से’, ‘गल्लां दिल दी’, ‘दिल विल’, ‘माई दिल गोज़’ और ‘दिल दश्त’ जैसी प्रेरक पुस्तकों के लेखक हैं, जिनमें जीवन, भावनाओं और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को सरल और प्रेरक शैली में प्रस्तुत किया गया है।

डॉ. मलिकराम समाजसेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय

समाजसेवा के क्षेत्र में भी डॉ. मलिकराम सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इंदौर में उन्होंने देश का पहला एंगर मैनेजमेंट कैफे ‘भड़ास’ शुरू किया, जिसका उद्देश्य लोगों को तनाव और गुस्से को सकारात्मक तरीके से व्यक्त करने का मंच देना है। इसके अलावा बुजुर्गों के लिए इंदौर में तीन डे-केयर सेंटर भी शुरू किए गए हैं, जो उनकी सामाजिक संस्था ‘बीइंग रिस्पॉन्सिबल’ के तहत संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कई अभियान भी उनके द्वारा चलाए गए हैं।

हर वर्ष गर्मी के मौसम में पक्षियों के लिए #दानापानी अभियान के तहत हजारों मिट्टी के सकोरे और ज्वार-बाजरे के दाने वितरित किए जाते हैं। वहीं #नंगेपैर अभियान के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को चप्पल और टोपी वितरित की जाती है। इसके अतिरिक्त ‘मेरा नाम मेरी पहचान’ अभियान के जरिए स्ट्रीट वेंडर्स की ब्रांडिंग के लिए स्टैंडिंग बोर्ड, पोस्टर और बैनर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बारिश के मौसम में स्कूली बच्चों और जरूरतमंदों को रेनकोट और छाते भी वितरित करने की प्रथा सालों से निभाई जा रही है।

सामाजिक परिवर्तन और जनहित के कार्यों में योगदान के लिए उन्हें प्रतिष्ठित ‘गॉडफ्रे फिलिप्स रेड एंड व्हाइट गोल्ड अवॉर्ड’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। भविष्य की योजनाओं के तहत डॉ. अतुल मलिकराम सतत विकास लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए #2030काभारत अभियान के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शून्य गरीबी और शून्य भुखमरी जैसे विषयों पर रणनीतिक रूप से कार्य कर रहे हैं। उनका मानना है कि सामाजिक बदलाव के लिए जनजागरूकता, नीति-निर्माण और सामुदायिक सहभागिता तीनों का समन्वय बेहद आवश्यक है।

India’s cricketers will score 200 against New Zealand Designs of Mehendi for Karwa Chauth in 2024 Indian Women’s T20 World Cup Qualifiers Simple Fitness Advice for the Holidays Top 5 Business Schools in the World