Gaganyaan-Mission-

नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : इसरो ने गगनयान क्रू माड्यूल सिस्टम के तीन महत्वपूर्ण परीक्षण पूरे कर लिए हैं। यह परीक्षण अंतरिक्षयात्रियों की सुरक्षा और क्रू माड्यूल की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ी कामयाबी है। पहला परीक्षण समुद्र में उतरने (स्प्लैशडाउन) के बाद क्रू माड्यूल को सीधी स्थिति में बनाए रखने से जुड़ा है।

इन परीक्षणों की सफलता के बारे में जानकारी देते हुए इसरो ने रविवार को कहा कि इसके लिए कोल्ड-गैस आधारित क्रू माड्यूल अपराइटिंग सिस्टम (सीएमयूएस) विकसित कर सफल परीक्षण किया गया। दूसरे परीक्षण में उस अंबिलिकल मैकेनिज्म के अलग होने की प्रक्रिया की जांच की गई, जो क्रू माड्यूल और सर्विस माड्यूल के बीच कड़ी का काम करता है।

मैकेनिज्म को दो हिस्से

इस मैकेनिज्म में दो हिस्से होते हैं- एक क्रू माड्यूल की तरफ़, जिसे सीएसयू-1 कहा जाता है, और दूसरा सर्विस माड्यूल की तरफ़, जिसे सीएसयू-2 कहा जाता है।क्रू माड्यूल के पृथ्वी पर वापस लौटने के चरण के दौरान, सीएसयू-1 के अलग होने के बाद सर्विस माड्यूल सबसे पहले क्रू माड्यूल से अलग होता है।

इसके बाद, पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करने से ठीक पहले, सीएसयू-2 भी अलग हो जाता है। सिमुलेटेड क्रू माड्यूल से सीएसयू-2 को अलग करने का परीक्षण किया गया।

तीसरे परीक्षण में क्या हुआ?

तीसरे परीक्षण ने एपेक्स कवर अलग होने की प्रक्रिया के दौरान क्रू माड्यूल की संरचनात्मक मजबूती को प्रमाणित किया। एपेक्स कवर मिशन के दौरान पैराशूट और उनसे जुड़े सब-सिस्टम की सुरक्षा करता है। क्रू माड्यूल की गति कम करने के लिए पैराशूट खुलने से ठीक पहले इसका सुरक्षित रूप से अलग होना अनिवार्य है।