लखनऊ, संवाददाता : आतंकी हमले की योजना बनाने के आरोप में गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला और समीर खान से पूछताछ के लिए यूपी एटीएस सोमवार को अदालत से पुलिस कस्टडी रिमांड पर देने का अनुरोध करेगी। रिमांड मिलने पर दोनों से तहरीक ए तालिबान हिंदुस्तान के मंसूबों का पता लगाया जा जाएगा। एटीएस दोनों से पूछताछ के आधार पर इस माड्यूल के बाकी सदस्यों का पता लगा रही है। बता दें कि आईएसआई ने भारत की सुरक्षा और अखंडता को खतरे में डालने के लिए यह नया तरीका अख्तियार किया है। हाल ही में देहरादून से गिरफ्तार विक्रांत कश्यप भी इस नेटवर्क का हिस्सा था। सूत्रों की मानें तो केंद्रीय खुफिया एजेंसी के इनपुट पर कई राज्यों में तहरीक ए तालिबान हिंदुस्तान से जुड़े माड्यूल्स आईएसएस द्वारा तैयार करने की सूचना राज्यों से साझा की गई थी। नारे लिखने का काम सौंपा गया था इसके बाद उत्तराखंड और यूपी में तीन संदिग्धों को दबोचा गया है। इनका संपर्क देश के कई राज्यों के युवाओं से था, जिन्हें आईएसआई ने इस माड्यूल का हिस्सा बनाया है। इन सभी को सैन्य ठिकानों, सरकारी इमारतों आदि पर तहरीक ए तालिबान हिंदुस्तान नारे लिखने का काम सौंपा गया था, ताकि आमजन में दहशत फैलाई जा सके। तुषार चौहान के परिजनों से पूछताछ में पता चला है कि उसने चार साल पहले ही पढ़ाई छोड़ दी थी और घर पर रहकर सोशल मीडिया पर ही व्यस्त रहता था। एटीएस को उसके मोबाइल से कुछ ऐसे लेनदेन भी मिले हैं, जिनमें संदिग्ध खातों से रकम भेजी गई थी। एटीएस की पूछताछ में उसने कबूला है कि यह रकम वह हैंडलर द्वारा बताए गए लोगों को देता था। पिस्टल मिली गिफ्ट, महिला हिंदूवादी नेता थी टारगेट जांच में सामने आया है कि तहरीक ए तालिबान हिंदुस्तान में शामिल होने पर पाकिस्तानी हैंडलर पिस्टल बतौर गिफ्ट भेजते थे। यह जानकारी भी मिली है कि तुषार और समीर ने गाजियाबाद में एक हिंदूवादी संगठन की महिला पदाधिकारी की रेकी की थी। यह काम उन्होंने आईएसआई और गैंगस्टर शहजाद के इशारे पर किया था। शहजाद ने उसे सही मौका आने पर टारगेट को मारने के लिए कहा था। दोनों ने दिल्ली और लखनऊ के आरएसएस के दफ्तरों की भी रेकी की थी। Post navigation Lucknow : भातखंडे विवि की कार्यशाला में सीखिए गजल गायिकी के भी गुर गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण, हरदोई से PM Modi करेंगे उद्घाटन