मथुरा , संवाददाता : मुड़िया मेले में गोवर्धन पहुंच रहे लाखों श्रद्धालु गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा कर रहे हैं। सुरक्षा, स्वास्थ्य और यातायात के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं तथा पूरे मेला क्षेत्र की ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है। ब्रज के हृदयस्थल गिरिराज धाम में आयोजित विश्व प्रसिद्ध मुड़िया मेले के दौरान श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। गिरिराज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा के लिए देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु गोवर्धन पहुंच रहे हैं। गिरिराज महाराज की जय और राधे-राधे के जयघोष से पूरा धाम भक्तिमय वातावरण में सराबोर है।परिक्रमा मार्ग पर इस समय कदम-कदम पर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति समर्पण का रंग दिखाई दे रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने नगर में वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। यह व्यवस्था 30 जुलाई को मेला खत्म होने तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि में सभी छोटे और बड़े वाहन निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से ही संचालित किए जाएंगे। प्रशासन ने लोगों से रूट डायवर्जन का पालन करने और यात्रा से पहले निर्धारित मार्गों की जानकारी करने की अपील की है। मेले के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है मेले के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उधर परिक्रमा मार्ग, प्रमुख चौराहों, पार्किंग स्थलों, मंदिरों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी कैमरों, कंट्रोल रूम और सुरक्षा कर्मियों के माध्यम से चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय घटना को रोका जा सके। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सा, सफाई, प्रकाश व्यवस्था और यातायात नियंत्रण के विशेष इंतजाम किए गए हैं। स्वयंसेवी संस्थाएं और प्रशासनिक टीमें भी लगातार श्रद्धालुओं की सहायता में जुटी हुई हैं। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ गिरिराज महाराज की परिक्रमा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और आराध्य गिरिराज प्रभु का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। यही कारण है कि हर वर्ष मुड़िया मेले में आस्था का यह महासागर गोवर्धन धाम की ओर उमड़ पड़ता है। गिरिराज तलहटी में लगी भक्तों की भीड़मुड़िया पूर्णिमा मेले में देवशयनी एकादशी के अवसर पर गिरिराज तलहटी में भक्तों का उमड़ना शुरू हो गया है। भक्त दानघाटी मंदिर और राधाकुंड चौराहे पर नमन कर सप्तकोसीय परिक्रमा शुरू कर रहे हैं। परिक्रमा मार्ग के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है। श्रद्धालु गोवर्धन, आन्योर, पुछरी, जतीपुरा और राधाकुंड होते हुए मानसी गंगा पहुंच रहे हैं। मानसी गंगा पर फुव्वारों में स्नान के बाद भक्त गिरिराज प्रभु को दूध का भोग चढ़ा रहे हैं। उधर, परिक्रमा मार्ग पर सेवाभावी लोगों ने प्याऊ और भंडारे लगाए हैं। प्रशासन ने स्वास्थ्य शिविर, मोबाइल टॉयलेट और खोया पाया केंद्र स्थापित किए हैं प्रशासन ने स्वास्थ्य शिविर, मोबाइल टॉयलेट और खोया पाया केंद्र स्थापित किए हैं। निजी अस्पतालों ने भी राजकीय मेले में स्वास्थ्य शिविर लगाए हैं। मुड़िया पूर्णिमा मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस-प्रशासन ने सख्त इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी कराई जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि परिक्रमा मार्ग और मेला क्षेत्र के संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। कंट्रोल रूप में बैठकर पुलिस की टीम सभी प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखेगी। राधाकुंड में सज गए गुरुओं के द्वार गुरु पूर्णिमा महोत्सव में आने वाले शिष्यों के लिए गुरुओं के द्वारा सज गए हैं। शिष्यों का आवागमन भी शुरू हो रहे है, जिसके साथ आश्रमों में धार्मिक आयोजन प्रारंभ हो चुके है। मंदिर-मठों में जगह-जगह श्रीमद् भागवत कथाओं के आयोजन किया जा रहे हैं। गिरिराज संत सेवा आश्रम के महंत राधा मोहन दास रघुनाथ सिद्ध की ओर से अखंड हरी नाम संकीर्तन और भक्तों के लिए 24 घंटे भंडारे की व्यवस्था की गई है। कुंड, सरोवर और मठ-मंदिर रंग बिरंगी रोशनी से सजेराधाकुंड। सप्तकोसीय गिरिराज परिक्रमा मार्ग तरह-तरह की रंग बिरंगी रोशनी और लाइटों से सजाया गया है। मंदिर, मठ, कुंड और सरोवरों को बेरिकेडिंग के साथ-साथ सजाया गया है। तरह-तरह की लाइटें भी लगाई गई हैं। उधर, खाद्य विभाग की ओर से गिरिराज परिक्रमा मार्ग में जगह-जगह लगने वाले भंडारों पर नजर रखी जा रही है। Post navigation बीज प्रमाणीकरण संस्था का उपनिदेशक रिश्वत लेते गिरफ्तार 100 रुपये शुल्क लगेगा कांच के फुटपाथ पर रोमांच के लिए