ग्लोबल ‘नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स 2025 : भारत की रैंकिंग में 4 पायदान की सुधार

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नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : Global Network Readiness Index 2025 : सरकार ने सोमवार को बताया कि भारत ने वैश्विक ‘नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स 2025’ में अपनी स्थिति बेहतर की है। इस रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग चार पायदान ऊपर गई है और अब भारत 45वें स्थान पर पहुंच गया है। इतना ही नहीं, भारत कई अहम संकेतकों में दुनिया के दूसरे देशों से आगे भी रहा है।

यह रिपोर्ट पोर्टुलंस इंस्टीट्यूट द्वारा जारी की गई है, जो वॉशिंगटन डीसी स्थित एक स्वतंत्र और गैर-लाभकारी शोध एवं शैक्षणिक संस्थान है। इस रिपोर्ट में दुनिया के 127 देशों की डिजिटल और नेटवर्क से जुड़ी तैयारियों का आकलन किया गया है। संचार मंत्रालय ने कहा कि भारत ने न सिर्फ अपनी रैंक सुधारी है बल्कि उसका कुल स्कोर भी बढ़ा है। वर्ष 2024 में भारत का स्कोर 100 में से 53.63 था, जो 2025 में बढ़कर 54.43 हो गया। मंत्रालय ने कहा कि यह बड़ी बात है कि भारत कई मापदंडों में पहले स्थान पर रहा है।

रिपोर्ट में देशों की रैंकिंग चार मुख्य आधारों पर की गई

रिपोर्ट में देशों की रैंकिंग चार मुख्य आधारों पर की गई है, जिनमें टेक्नोलॉजी, लोग, शासन व्यवस्था और इसका प्रभाव शामिल है। इन चारों आधारों के तहत कुल 53 अलग-अलग संकेतकों का अध्ययन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत टेलीकॉम सेवाओं में सालाना निवेश, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े वैज्ञानिक शोध पत्र, आईटी और संचार सेवाओं के निर्यात और ई-कॉमर्स कानून जैसे क्षेत्रों में पहले स्थान पर रहा है। इसके अलावा, भारत को फाइबर इंटरनेट कनेक्शन, देश के भीतर मोबाइल इंटरनेट उपयोग और अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट क्षमता में दूसरा स्थान मिला है। वहीं, घरेलू बाजार के आकार और आय असमानता जैसे मामलों में भारत तीसरे स्थान पर रहा है।

संचार मंत्रालय ने बताया कि भारत की नेटवर्क से जुड़ी तैयारी उसकी आय के स्तर से भी बेहतर है। कम आय वाले मध्यम वर्ग के देशों की सूची में भारत दूसरे स्थान पर है, जो उसकी डिजिटल प्रगति को दर्शाता है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाल ही में कहा था कि भारत में दुनिया का सबसे सस्ता डेटा उपलब्ध है और डेटा का उपयोग भी सबसे ज्यादा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मजबूत डिजिटल ढांचे की वजह से देश में 120 करोड़ से ज्यादा मोबाइल यूजर्स हैं और जून तक 4जी नेटवर्क हर गांव तक पहुंचने की उम्मीद है।

बीएसएनएल ने अब तक 97,068 4जी साइट्स स्थापित की

सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल ने अब तक 97,068 4जी साइट्स स्थापित कर ली हैं, जिनमें से 93,511 साइट्स चालू हो चुकी हैं। बीएसएनएल आने वाले कुछ महीनों में अपने सभी 4जी टावरों को 5जी में बदलने की योजना पर काम कर रही है। इसके साथ ही देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 5जी सेवाएं शुरू हो चुकी हैं और वर्तमान में ये सेवाएं देश के 99.9 प्रतिशत जिलों में उपलब्ध हैं।

टेलीकॉम कंपनियों ने देश के ग्रामीण और शहरी इलाकों में कुल 5.08 लाख 5जी बेस ट्रांससीवर स्टेशन (बीटीएस) स्थापित किए हैं, जिससे भारत की डिजिटल ताकत और मजबूत हुई है।

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