कानपुर, संवाददाता :एंटी करप्शन विंग ने सोमवार शाम अनवरगंज के जीआरपी चौकी प्रभारी प्रेमचंद को पांच हज़ार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ कोतवाली में एफआईआर दर्ज की जा रही है। अमृत भारत योजना के अंतर्गत अनवरगंज रेलवे स्टेशन को नए तरीके से विकसित किया जा रहा है। स्टेशन, प्लेटफार्म और परिसर का सौंदर्यीकरण जारी है। प्लेटफार्म एक और दो पर टाइल्स लगवा रहे ठेकेदार संदीप ने एंटी करप्शन थाने में जीआरपी चौकी इंचार्ज प्रेमचंद के खिलाफ हर महीने पांच हजार सुविधा शुल्क मांगने की शिकायत की थी। एंटी करप्शन टीम ने ट्रैप तैयार किया। ठेकेदार को केमिकल लगे हुए नोट दिए गए। सोमवार शाम अनवरगंज स्टेशन के पास चौकी इंचार्ज को बुलाया और रुपये दिए। रुपये लेते ही टीम ने आरोपी दरोगा को दबोच लिया। एंटी करप्शन थाना प्रभारी जटा शंकर ने बताया की चौकी इंचार्ज के खिलाफ कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है। मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। चौकी प्रभारी मूलरूप से मथुरा के रहने वाले हैं। जीआरपी के अधिकारियों को कार्रवाई की सूचना दे दी गई है। ठेकेदार के मेट से पांच हजार की घूस लेते पकड़े गए जीआरपी अनवरगंज चौकी इंचार्ज प्रेमचंद को मंगलवार को एंटी करप्शन टीम ने अपनी अदालत में पेश किया। यहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जीआरपी अधिकारियों ने आरोपी दरोगा के जेल जाने पर उसके निलंबन की सिफारिश कर दी है। दरोगा प्रेमचंद्र अनवरगंज जीआरपी चौकी पर एक साल से तैनात था। इटावा जीआरपी सीओ उदय प्रताप सिंह ने बताया कि विभागीय जांच के आदेश हुए हैं। एक-दो दिन में जांच अधिकारी नामित कर दिया जाएगा। Post navigation ICC के लिए सिरदर्द बना पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों का भारतीय वीजा UP : गलन-ठिठुरन की चपेट में प्रदेश, न्यूनतम तापमान ने बनाया रिकॉर्ड