लखनऊ,संवाददाता : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सामने आया है कि अशोक कुमार सिंह ने करीब 300 कंपनियों के नाम 2000 करोड़ रुपये के बिल काटे थे, और उनके द्वारा फर्जी तरीके से जीएसटी रिफंड लेने की योजना बनाई गई थी। अशोक और उनकी पत्नी शीला ने किया फर्जीवाड़ा समाज विकास क्रांति पार्टी, मुंबई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह और उनकी पत्नी शीला सिंह ने फर्जी तरीके से जीएसटी रिफंड पाने की गहरी साजिश रची थी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सामने आया है कि अशोक कुमार सिंह ने करीब 300 कंपनियों के नाम 2000 करोड़ रुपये के बिल काटे थे और उनके जरिए फर्जी तरीके से जीएसटी रिफंड लेने की योजना बनाई थी। विगत ही में ईडी ने अशोक कुमार सिंह और उसकी पत्नी के खिलाफ 334 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग करके 65 करोड़ रुपये का जीएसटी रिफंड लेने की धोखाधड़ी के प्रकरण में आरोप पत्र दाखिल किया है। इस प्रकरण की जांच में सामने आया है कि अशोक कुमार सिंह खुद को मुंबई और जौनपुर का उद्योगपति बताते थे , जबकि वास्तव में वह कोई भी कारोबार नहीं करता था। उसने जांच एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए कई नामचीन कंपनियों के नाम से भी बिल काटे थे। जांच में अशोक कुमार सिंह और उनकी पत्नी से जुड़ी कंपनियों की फेहरिस्त बढ़ती जा रही है। ये भी पता चला है कि अशोक कुमार सिंह ने जौनपुर से लोकसभा चुनाव लड़ने और कोरोना काल में करोड़ों रुपये खर्च किए थे। नोटिस आने पर खुला राजअशोक कुमार सिंह जिन कंपनियों के नाम बिल काटकर जीएसटी रिफंड का दावा करता था, जब उनको जीएसटी ने नोटिस देना शुरू किया तो इस फर्जीवाड़े की पोल खुल गई। करीब 65 करोड़ की धोखाधड़ी सामने आने पर जीएसटी, मुंबई की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। वहीं जब ईडी ने जांच शुरू की तो तमाम नई कंपनियों के नाम भी सामने आए, जिनके नाम से फर्जी बिल काटकर जीएसटी रिफंड मांगा गया था। ईडी इस मामले में अशोक कुमार सिंह के एक नौकर को भी तलाश रही है। Post navigation PM Modi वाराणसी क्रिकेट स्टेडियम का 23 सितंबर को करेंगे शिलान्यास चौकी प्रभारी ने तकिये के नीचे रखवाए घूस के रुपये, गिनती करते समय रंगे हाथों पकड़ा गया