योल (कांगड़ा , संवाददाता : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य पर योल खंड के अंतर्गत पांच स्थानों पर हिंदू सम्मेलन हुए। इन कार्यक्रमों में हिंदू समाज के लोगों ने भाग लेकर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का संकल्प लिया। यह सम्मेलन शिव मंदिर रौंखर, अंजनी माता मंदिर बरवाला-घियाना, शिव मंदिर गढ़ सुक्कड़, नोडराणी माता मंदिर चतेहड़ और शिव मंदिर मनेढ़ बल्ला-जंदरांगल में हुए।
योल (कांगड़ा)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य पर योल खंड के अंतर्गत पांच स्थानों पर हिंदू सम्मेलन हुए। इन कार्यक्रमों में हिंदू समाज के लोगों ने भाग लेकर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का संकल्प लिया। यह सम्मेलन शिव मंदिर रौंखर, अंजनी माता मंदिर बरवाला-घियाना, शिव मंदिर गढ़ सुक्कड़, नोडराणी माता मंदिर चतेहड़ और शिव मंदिर मनेढ़ बल्ला-जंदरांगल में हुए।
कार्यक्रम में संत रविदास जयंती के अवसर पर उनके द्वारा दिए गए समानता और समरसता के संदेश को याद किया गया। इसके साथ ही सम्मेलनों में महिला सशक्तिकरण और सनातन धर्म के आध्यात्मिक मूल्यों पर भी गहन चर्चा हुई। समिति अध्यक्षों कुलभूषण, साहब सिंह, सुरेंद्र कपूर और हिमांशु ने समाज में जागरूकता लाने और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का आह्वान किया। कार्यक्रमों का समापन मंत्रोच्चारण, भजन और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
