नई दिल्ली , एंटरटेनमेंट डेस्क : ट्विंकल खन्ना अपनी बेबाक राइटिंग के लिए तो मशहूर हैं ही, साथ ही अपनी बात खुलकर कहने से भी वे पीछे नहीं हटतीं हैं। वह अपनी कमजोरियों और मेनोपॉज जैसे विषयों पर बात करने से नहीं हिचकिचातीं। उन्होंने हाल ही में महिलाओं को होने वाली इस समस्या के बारे में खुलकर बात की।
जो लोग नहीं जानते, उनके लिए बता दें कि मेनोपॉज वह दौर है जब आपके हार्मोन्स गड़बड़ा जाते हैं और आपका मासिक धर्म रुक जाता है। हालांकि यह सुनने में अच्छा लगता है कि पीरियड्स रुक जाते हैं, लेकिन उस पड़ाव पर पहुंचना आसान नहीं होता। यह अक्सर 45 से 55 की उम्र में होता है और यह दौर नींद में खलल, मूडस्विंग और हॉटफ्लैशेस से भरा होता है।
अपने नए कॉलम में एक्ट्रेस ने सुनाई आपबीती
अपने हालिया कॉलम में राइटर और एक्ट्रेस ने मेनोपॉज से गुजरने के संघर्षों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने इसका टाइटल रखा, “दर्द-ए-डिस्को और नया मेनोपॉजरीमिक्स।” “मैं हमेशा सोचती थी कि पचास साल की होने का मतलब है अपने असली रूप को पाना। लेकिन, अब तो हार्मोन्स का कम होना और अपने पढ़ने के चश्मे की तलाश करना है। अंधेरे में, सुबह के तीन बजे। यह वो समय होना चाहिए था जब बच्चे घर से निकलते हैं। लेकिन ऐसा लगता है कि मेरे हार्मोन्स ने अपना सामान समेट लिया है और किसी अनजान आईलैंड की ओर निकल पड़े हैं, जबकि मैं ठंडी शीशे की खिड़कियों से तारों से जगमगाते आसमान को देख रही हूं’।
टू मच विद काजोल एंड ट्विंकल की होस्ट ने अपने कॉलम में बताया कि कैसे मेनोपॉज मासिक धर्म से गुजर रही महिलाओं के जीवन को कठिन बना देता है। उन्होंने लिखा, ‘मैं थकी हुई और एनर्जेटिक हूं, सतर्क और धुंधली हूं, ज्यादा गर्मी और चिपचिपाहट महसूस कर रही हूं।”
इन समस्याओं को करना पड़ता है फेस
उन्होंने मेनोपॉज की तुलना एक चोर से की जो न सिर्फ तिजोरी खोलता है, बल्कि आपका कीमती सामान भी लेकर भाग जाता है। उनके कॉलम के एक अंश में लिखा है, “गर्मी, रात में पसीना आना, हड्डियों में दर्द, त्वचा का पतला होना और ठुड्डी पर नए बाल आने के साथ-साथ कई बदलाव हुए।
ट्विंकल को होती है पुरुषों से जलन
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें ऐसे पुरुषों से जलन होती है जिन्हें महिलाओं की तरह हार्मोनल असंतुलन से नहीं जूझना पड़ता। उन्होंने आगे कहा, “मैं नाम भूल जाती हूं लोग, फिल्में, किताबें, और अगले दिन वे ऐसे लौट आते हैं जैसे वे रात भर कैंपिंगट्रिप पर गए हों।”
