सोनभद्र , संवाददाता : Sonbhadra News: म्योरपुर क्षेत्र के कुसम्हा गांव में जयमाल के दौरान दूल्हे को नशे में देख दुल्हन नेहा ने शादी से इंकार कर दिया। मामला थाने पहुंचा, जहां पंचायत हुई। अंततः दहेज में दिए गए सामान और रकम लौटाने पर सहमति बनी। बिना विवाह के बारात लौट गई, और दुल्हन के फैसले की सराहना हुई।
म्योरपुर थाना क्षेत्र के कुसम्हा गांव में सोमवार की रात जयमाल के दौरान दूल्हे को नशे में धुत देखकर दुल्हन ने शादी से इंकार कर दिया। काफी देर तक दोनों पक्षों में पंचायत चली, मगर दुल्हन नशेड़ी दूल्हे से शादी के लिए राजी नहीं हुई। मंगलवार को मामला थाने भी पहुंचा। बाद में दहेज में दिए गए सामान और रकम वापस करने पर सहमति बनी, जिसके बाद दोनों पक्ष अलग हो गए।
म्योरपुर थाना क्षेत्र के कुसम्हा गांव निवासी अच्छेलाल ने अपनी पुत्री नेहा की शादी मध्य प्रदेश के करौटी गांव निवासी गणेश के पुत्र अजीत के साथ तय की थी। तय तिथि पर सोमवार शाम बरात धूमधाम से कुसम्हा गांव पहुंची। द्वारचार की रस्म के दौरान ही दूल्हे की हरकतों को देखकर घरातियों और ग्रामीणों को शक हुआ कि वह नशे में है।
पुलिस ने की कार्रवाई
बताया जा रहा है कि जयमाल के समय दूल्हा लड़खड़ाते हुए मंच पर पहुंचा और बार-बार तुरंत विदाई कराने की जिद करने लगा। दूल्हे की हालत देखकर दुल्हन नेहा ने तुरंत स्थिति को समझ लिया और सबके सामने शादी से इंकार कर दिया। स्नातक पास नेहा ने कहा कि जब आज शादी के दिन ही यह हाल है, तो आगे जीवन कैसे कटेगा।
दुल्हन के फैसले के बाद दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया और मामला म्योरपुर थाने पहुंच गया। मंगलवार को थाने में दोनों परिवारों ग्रामीणों और जिम्मेदार लोगों की मौजूदगी में पंचायत हुई। गांव का मामला होने के कारण एससी-एसटी आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार भी पंचायत में मौजूद रहे।
लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्षों में दहेज के रूप में दी गई रकम और सामान वापस करने पर सहमति बनी। इसके बाद बिना शादी के ही बारात वापस लौट गई। घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों ने दुल्हन नेहा के साहसिक फैसले की सराहना करते हुए कहा कि उसने अपने भविष्य को देखते हुए सही निर्णय लिया।
