नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : Jammu and Kashmir : जम्मू-कश्मीर में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई भारी बर्फबारी और बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। शुक्रवार को पूरे दिन हवाई और सड़क परिवहन बाधित रहा। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) ने शनिवार सुबह बताया कि जमा हुई बर्फ हटाने के लिए उसके कर्मचारी और मशीनरी लगातार काम कर रहे हैं, ताकि श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को फिर से चालू किया जा सके।
हवाई और सड़क परिवहन पूरी तरह ठप
शुक्रवार को श्रीनगर एयरपोर्ट से कोई भी फ्लाइट ऑपरेशन नहीं हो सका। इसके अलावा श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे भी बंद रहा। साथ ही श्रीनगर-लेह हाईवे और मुगल रोड पर भी ट्रैफिक रोक दिया गया है। इन मार्गों पर यातायात बहाल करने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है।
तेज हवाओं से बिजली आपूर्ति भी प्रभावित
बारिश और बर्फबारी से पहले चली तेज हवाओं के कारण प्रदेश के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। हालांकि, बिजली निगम के ग्राउंड स्टाफ और इंजीनियरों ने रातभर काम करते हुए शुक्रवार शाम तक 60% से अधिक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी।
कई इलाकों में भारी बारिश और बर्फ दर्ज
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में जम्मू डिवीजन के बटोटे में 116.8 मिमी, रामबन में 50 मिमी, उधमपुर में 68.8 मिमी, भद्रवाह में 75.4 मिमी और बनिहाल में 22 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं कश्मीर घाटी के ऊपरी इलाकों में गुलमर्ग में 50.8 सेमी, कोकरनाग में 47 सेमी, पहलगाम में 46 सेमी और काजीगुंड में 10 सेमी बर्फ की मोटी परत जमी है।
तापमान में और गिरावट की चेतावनी
शनिवार को श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 1.4 डिग्री सेल्सियस, गुलमर्ग में माइनस 12 और पहलगाम में माइनस 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं जम्मू शहर में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री, कटरा में 2, बटोटे में माइनस 3.8, बनिहाल में माइनस 4.4 और भद्रवाह में माइनस 3.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
किसानों और जल स्रोतों के लिए राहत की खबर
मौसम विभाग ने बताया कि जिस वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण यह बारिश और बर्फबारी हुई थी, वह अब क्षेत्र से बाहर निकल गया है। हालांकि, बर्फ से ढके पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट की संभावना है। यह बर्फबारी लंबे सूखे के बाद राहत लेकर आई है, क्योंकि इससे ऊपरी इलाकों के बारहमासी जल स्रोतों और जलाशयों में पर्याप्त बर्फ जमा हुई है, जो गर्मियों में पानी की उपलब्धता बनाए रखने में मदद करेगी।
26 से 28 जनवरी के बीच फिर बिगड़ सकता है मौसम
मौसम विभाग ने 26 जनवरी की दोपहर से 28 जनवरी तक एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने की संभावना जताई है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
