कानपुर, संवाददाता : गंभीर वित्तीय अनियमिताओं में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. डीआर सिंह को दोषी पाया गया है। मंडलायुक्त की जांच में पूर्व कुलपति दोषी मिले है। जांच के आधार पर शासन ने उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए राज्यपाल से अनुरोध किया है। कानपुर में गंभीर वित्तीय अनियमिताओं में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. डीआर सिंह को दोषी पाया गया है। मामले में मंडलायुक्त ने जांच की थी। रिपोर्ट के आधार पर शासन ने उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए राज्यपाल से अनुरोध किया है। डॉ. सिंह इस समय बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के कुलपति हैं। सीएसए के पूर्व कुलपति डॉ. डीआर सिंह के कार्यकाल के दौरान हुई वित्तीय अनियमिताओं के मामले में उनकी शिकायत शासन में हुई थी। इसके आधार पर मंडलायुक्त को जांच सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन के विशेष सचिव ओम प्रकाश वर्मा ने राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव को 23 जनवरी को पत्र लिखा है।विज्ञापन कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम का लाभ स्वीकृत करने में दोषी इसमें डॉ. दुनिया राम सिंह पर वित्तीय भ्रष्टाचार करने, अवैधानिक प्रकार से राजकीय कोष का प्रयोग करने, धन उगाही कर अपात्र कार्मिकों को अनुचित लाभ देने, उच्च न्यायालय के आदेशों की अवज्ञा करने के साथ कृषि विज्ञान केंद्र के कार्मिकों को नियम विरुद्ध कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम का लाभ स्वीकृत करने में दोषी पाया गया है। कार्रवाई के लिए राज्यपाल से अनुरोधगंभीर वित्तीय अनियमिताओं में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. डीआर सिंह को दोषी पाया गया है। मंडलायुक्त की जांच में पूर्व कुलपति दोषी मिले है। जांच के आधार पर शासन ने उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए राज्यपाल से अनुरोध किया है। डॉ. सिंह इस समय बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के कुलपति हैं। अपर मुख्य सचिव को 23 जनवरी को लिखा है पत्रसीएसए के पूर्व कुलपति डॉ. डीआर सिंह के कार्यकाल के दौरान उनकी शिकायत हुई थी, जिसके आधार पर मामले की जांच चल रही थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन विशेष सचिव ने राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव को 23 जनवरी को पत्र लिखा है। इन मामलों में कार्रवाई की मांग इसमें डॉ. दुनिया राम सिंह पर वित्तीय भ्रष्टाचार करने, अवैधानिक प्रकार से राजकीय कोष का विचलन करने एवं धन उगाही कर अपात्र कार्मिकों को अनुचित लाभ देने और उच्च न्यायालय के आदेशों की अवज्ञा करने के साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र के कार्मिकों को नियम विरुद्ध करिअर एडवांस्मेंट स्कीम का लाभ स्वीकृत किया गया है। विवादों में रहा है कार्यकालसीएसए के सूत्रों की मानें, तो प्रोफेसर डीआर सिंह पर कई आरोप लगाते रहे हैं। उनका कार्यकाल विवादों में रहा है। प्रोफेसर डीआर सिंह पर प्लान के लोगों को नॉन प्लान में करने का आरोप लगा है। शिक्षकों की नियुक्तियां नॉन प्लान में होती हैं। नॉन प्लान में नियुक्ति होने पर वेतन, वेतन वृद्धि, सेवानिवृत्ति की उम्र में लाभ मिलता है। उन पर आरोप है कि प्लान के लोगों की नियुक्ति नॉन प्लान में कर दी। इन मामलों में दोषीवित्तीय भ्रष्टाचार करने, अवैधानिक प्रकार से राजकीय कोष का प्रयोग करने, धन उगाही कर अपात्र कार्मिकों को अनुचित लाभ देने, उच्च न्यायालय के आदेशों की अवज्ञा करने, कार्मिकों को नियम विरुद्ध लाभ देना। Post navigation Rashmika Mandanna ने Vijay Deverakonda को बताया ‘ब्वॉयफ्रेंड’! MahaKumbh : महाकुंभ में बिछड़े लोगों को मिलाती हैं ये दो संस्थाएं