नई दिल्ली, एंटरटेनमेंट डेस्क : इंडियन सिनेमा की दिग्गज सिंगर लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) करोड़ों लोगों की प्रेरणा हैं। उन्होंने अपने 7 से 8 दशक लंबे करियर में अनगिनत बेहतरीन गाने गाए हैं। ‘सुर साम्राज्ञी’ लता मंगेशकर भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज आज भी फैंस के दिलों को सुकून देती है।
महज 13-14 साल की छोटी-सी उम्र में मनोरंजन जगत में कदम रखने वालीं लता मंगेशकर ने अपने शुरुआती करियर में कई फिल्मों में छोटे-मोटे रोल भी किए थे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वह ऑनस्क्रीन शशि कपूर की ‘रूपा’ बनने वाली थीं? राज कपूर (Raj Kapoor) के एक कमेंट के कारण लता जी का दिल इस कदर टूटा कि उन्होंने न सिर्फ इस ऑफर को ठुकरा दिया, बल्कि फिल्म में गाने से भी इनकार कर दिया था। जानिए क्या थी पूरी कहानी:
शशि कपूर के अपोजिट ऑफर हुआ था रोल
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 1978 में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ (Satyam Shivam Sundaram) में शशि कपूर के अपोजिट ‘रूपा’ का किरदार पहले लता मंगेशकर निभाने वाली थीं। साल 2002 में पब्लिश हुई राज कपूर की बेटी रितु नंदा की किताब में इस बात का जिक्र किया गया था।
किताब के मुताबिक, राज कपूर ने फिल्म का आइडिया बताते हुए कहा था, “यह फिल्म एक ऐसे लड़के की कहानी है, जो एक साधारण-सी दिखने वाली लड़की की सुरीली आवाज के प्यार में पड़ जाता है। मैं इसके लिए लता मंगेशकर को कास्ट करना चाहता था।”
राज कपूर ने बातों ही बातों में कहा था ‘बदसूरत’
किताब में बताया गया है कि राज कपूर का मानना था कि प्यार और विश्वास रिश्ते की पवित्रता पर निर्भर करता है, शारीरिक सुंदरता पर नहीं। फिल्म बनाने का अपना दार्शनिक नजरिया समझाते हुए उन्होंने कहा था, “एक पत्थर होता है, अगर आप उस पर सिंदूर या धर्म का निशान लगा दें, तो वह भगवान बन जाता है। मायने यह रखता है कि आप चीजों को कैसे देखते हैं। मान लीजिए, आपने एक बहुत खूबसूरत आवाज सुनी, लेकिन जब आपने उस आवाज वाली महिला को देखा तो वह एक साधारण या बदसूरत लड़की निकली।”
राज कपूर की बातों से आहत हुई थीं लता मंगेशकर
कहा जाता है कि राज कपूर ने यह बात स्वीकार की थी कि लता मंगेशकर के साधारण चेहरे और उनकी सुरीली आवाज के अंतर ने ही उन्हें ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ बनाने के लिए प्रेरित किया था। जब यह बात लता मंगेशकर तक पहुंची, तो वह काफी आहत हुईं और नाराज हो गईं।
इस नाराजगी की वजह से उन्होंने एक्टिंग तो दूर, इस मूवी में गाना गाने से भी साफ इनकार कर दिया था। हालांकि, बाद में राज कपूर और संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने किसी तरह समझा-बुझाकर लता मंगेशकर को टाइटल ट्रैक गाने के लिए मना लिया था।
