रांची, ब्यूरो : झारखंड पुलिस मुख्यालय में गुरुवार को झारखंड पुलिस व सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने एक साथ 27 माओवादियों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया। यह झारखंड के इतिहास में अबतक का सबसे बड़ा आत्मसमर्पण है। ऑपरेशन नवजीवन के तहत यह आत्मसमर्पण हुआ है, जिसमें माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ समाज की मुख्य धारा से जुड़ना स्वीकार किया है।
जिन 27 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, उनमें पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा में सक्रिय रहे भाकपा माओवादी समूह के 25 माओवादी व गुमला-सिमडेगा में सक्रिय रहे माओवादी संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के दो माओवादी शामिल हैं।
सभी 25 माओवादियों पर चाईबासा, सरायकेला, रांची व खूंटी में कुल 422 कांड दर्ज हैं। इनमें 28 लाख के छह इनामी माओवादी शामिल हैं। वहीं, जेजेएमपी के दो माओवादियों पर गुमला व सिमडेगा में कुल 14 कांड दर्ज हैं। इनमें एक पांच लाख का इनामी है।
डीजीपी तदाशा मिश्रा सहित सभी वरिष्ठ आइपीएस अधिकारियों ने सभी आत्मसमर्पित माओवादियों का स्वागत किया, उन्हें पुष्पगुच्छ व उनपर रखे गए इनाम की राशि उन्हें भेंट की। उन्होंने कहा कि राज्य में माओवादियों के विरुद्ध लगातार अभियान चल रहा है।
सुरक्षा बलों की दबिश व आंतरिक शोषण से क्षुब्ध होकर ही माओवादियों के केंद्रीय कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर व असीम मंडल की टीम के शीर्ष कमांडर व मारक दस्ता सदस्य, सारंडा, कोल्हान व सुदूर जंगल पहाड़ी क्षेत्रों के चप्पे-चप्पे की जानकारी रखने वाले 25 कमांडरों ने आत्मसमर्पण किया है।
इनमें छह सब जोनल, छह एरिया कमांडर व 13 दस्ता सदस्य हैं। कुल 16 उम्दा हथियार व 2857 गोलियों के साथ इन माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनके अलावा गुमला-सिमडेगा में सक्रिय रहे जेजेएमपी के भी दो कमांडरों ने 130 कारतूस के साथ आत्मसमर्पण किया है। झारखंड पुलिस के अभियान से माओवादी दबाव में आकर तेलंगाना व पश्चिम बंगाल में भी आत्मसमर्पण किए हैं।
आत्मसमर्पण कराने के लिए घर तक पहुंचे
पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा के एसपी अमित रेणु ने माओवादियों के विरुद्ध अभियान में हर तरह की नीति अपनाई। माओवादियों के परिवार को प्रेरित की ताकि वे अपने समाज की मुख्य धारा से भटके अपने लोगों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करें और उन्हें आत्मसमर्पण कराकर राज्य सरकार की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति का लाभ दिलाएं।
इसका असर यह हुआ कि इन्होंने सर्वाधिक 35 माओवादियों को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कराने में अहम भूमिका निभाई। इनमें सब जोनल कमांडर छह, एरिया कमांडर सात व 22 कैडर शामिल थे। जिन माओवादियों ने हिंसा का रास्ता नहीं छोड़ा उन्हें मुठभेड़ में मार गिराया, जो भागने की कोशिश किए, उन्हें पकड़ा भी।
एसपी अमित रेणु ने अपने चाईबासा एसपी के कार्यकाल में 20 सितंबर 2025 से अब तक आपरेशन मेगाबुरू के तहत मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी सेंट्रल कमेटी सदस्य अनल सहित 18 कुख्यात माओवादियों को मारने में अहम भूमिका निभाई।
इसमें एक बीजेसैक, एक आरसीएम, तीन सब जोनल कमांडर, एक जोनल कमांडर, पांच एरिया कमांडर व छह कैडर शामिल थे। आपरेशन रूटागुटु के तहत पीएलएफआइ सदस्य इजराइल पूर्ति को भी मारा। उन्होंने भारी संख्या में हथियार व गोला-बारूद की बरामदगी व समर्पण करवाया।
वर्ष 2026 में अब तक 44 माओवादी गिरफ्तार, 22 मारे गए, 56 का सरेंडर
वर्ष 2026 में झारखंड में चल रहे माओवादी विरुद्ध अभियान के फलस्वरूप अब तक कुल 44 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में 22 माओवादियों को मार गिराया है। कुल 56 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा से जुड़ना स्वीकार किया है।
चाईबासा जिले में माओवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए माओवाद प्रभावित क्षेत्र में आम जनता के मन में उपजे सुरक्षा भाव को बनाए रखने के लिए सारंडा क्षेत्र में कुल 21 नए एडवांस कैंप लोकेशन (एसीएल) व फारवर्ड आपरेटिंग बेस (एफओबी) सुरक्षा कैंप बनाया गया है।
