नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : बेंगलुरु के बाहरी इलाके चंदापुर में दंत चिकित्सा की छात्रा यशस्विनी (23) की आत्महत्या के मामले में जांच ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस के अनुसार, कॉलेज में त्वचा के रंग और पहनावे को लेकर लेक्चररों द्वारा की गई कथित बेइज्जती से आहत होकर उसने यह कदम उठाया। मामले के सामने आते ही कॉलेज प्रबंधन ने ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलॉजी (ओएमआर) विभाग के छह लेक्चररों को बर्खास्त कर दिया है। परिजनों ने क्या आरोप लगाया ? परिजनों और सहपाठियों का आरोप है कि यशस्विनी को कक्षा में सार्वजनिक रूप से ताने मारे गए यहां तक कहा गया, काले रंग की लड़की डाक्टर कैसे बन सकती है? केस संभालने से भी रोका गया एक दिन आंखों में दर्द के कारण छुट्टी लेने पर उसे सेमिनार प्रस्तुत करने और रेडियोलॉजी केस संभालने से भी रोका गया और कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। Post navigation सनातन धर्म को मिटाना आसान नहीं,यह अमर है- अमित शाह 18 में शादी, 26 में विधवा और 40 की उम्र में बेटे को दिया कंधा, एक्ट्रेस की दर्दभरी दास्तां