नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) आवेदन के जवाब में लापरवाही बरतने पर दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) को कड़ी फटकार लगाई है। आयोग ने बोर्ड के दो केंद्रीय लोक सूचना अधिकारियों (सीपीआईओ) पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह राशि उनके वेतन से तीन समान किस्तों में वसूली जाएगी। मामला एक अभ्यर्थी द्वारा दायर आरटीआई आवेदन से जुड़ा है, जिसमें उसने एक जून 2024 को आयोजित वरिष्ठ निजी सहायक और निजी सहायक टियर-दो परीक्षा के अपने उत्तर पत्रक, ऑनलाइन प्रश्नपत्र और उत्तरों की प्रतियां मांगी थीं। हालांकि, डीएसएसएसबी ने दो वर्ष बाद भी यह जानकारी उपलब्ध नहीं कराई और दलील दी कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी से प्रश्नपत्र अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। मुख्य सूचना आयुक्त राज कुमार गोयल ने इस स्पष्टीकरण को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि सूचना उपलब्ध कराने के प्रति अधिकारियों में गंभीर उदासीनता रही। उन्होंने टिप्पणी की कि सीपीआइओ ने न केवल आरटीआई अधिनियम के प्रविधानों का पालन नहीं किया, बल्कि यह सुनिश्चित करने का भी प्रयास नहीं किया कि आवेदक को कानून के अनुरूप जवाब मिले। आयोग ने यह भी पाया कि शुरुआत में आवेदक को बताया गया कि मांगी गई जानकारी संबंधित शाखा से जुड़ी नहीं है, जबकि बाद में बिना किसी वैधानिक आधार का हवाला दिए सूचना देने से इनकार कर दिया गया। सीआईसी ने कहा कि 2024 की परीक्षा का प्रश्नपत्र वर्ष 2026 तक भी उपलब्ध न होने का दावा प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही की कमी को दर्शाता है। Post navigation अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ की मीडिया रिपोर्ट गलत – भारतीय सेना ‘वैभव सूर्यवंशी को सेलेक्ट करना चाहिए था’- सुनील गावस्कर