नई दिल्ली, ब्यूरो : रेलवे बोर्ड महिला चालकों और रेल पटरी का रख-रखाव करने वाली कर्मियों को अपनी नौकरी की श्रेणी बदलने का विकल्प देने की मांग पर विचार कर रहा है। बोर्ड ने सभी जोन को ऐसे कर्मचारियों और लंबित आवेदनों की संख्या साझा करने का निर्देश दिया है। बोर्ड ने चार अक्टूबर को सभी रेलवे जोन को एक पत्र भेजा है। नौकरी की श्रेणी बदलने की थी मांगनेशनल फेडरेशन आफ इंडियन रेलवेमेन ने वुमन ट्रैक मेंटेनर्स और रनिंग स्टाफ को अपनी नौकरी की श्रेणी बदलने के लिए एक बार का विकल्प देने का अनुरोध किया है। मामला रेलवे बोर्ड में विचाराधीनरनिंग स्टाफ में सवारी गाड़ियों, माल गाड़ियों के चालक और गुड्स गार्ड आदि कर्मचारी आते हैं। पत्र में कहा गया है कि मामला बोर्ड के कार्यालय में विचाराधीन है। इस संबंध में सभी जोनल रेलवे को महिला ट्रैक मेंटेनर्स, एएलपी (सहायक लोको पायलट) की संख्या और अन्य श्रेणियों में काम करने वाली महिला रनिंग स्टाफ या महिला कर्मचारियों से उनकी निर्धारित श्रेणियों में बदलाव के लिए लंबित अनुरोधों की संख्या बताने का अनुरोध किया गया है। कई वर्षो से हो रही है मांगसहायक ट्रेन चालकों को सहायक लोको पायलट के रूप में भी जाना जाता है। पटरी की देखरेख करने वाली महिला कर्मियों और सहायक लोको पायलट के संगठनों ने उनके काम की परिस्थितियों को बहुत कठिन और असुरक्षित बताया है। इसलिए वे अपनी नौकरी की श्रेणी को बदलना चाहती हैं। संगठनों ने बताया कि नौकरी की श्रेणी में बदलाव के ज्यादातर अनुरोध कई सालो से रेलवे जोन के पास लंबित पड़े है। Post navigation Earthquake in Andaman sea : अंडमान सागर में 4.3 तीव्रता के भूकंप के झटके Thank You For Coming की कमाई में हुई उछाल