लखनऊ, संवाददाता :Yogi Cabinet: यूपी में एक बार फिर से कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार नामों पर सहमति करीब-करीब बन गई है।
प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर एक बार फिर से अटकलों का बाजार गर्म है। बीते 15 दिन के दौरान दिल्ली में प्रदेश भाजपा के पदाधिकारियों की बैठक और सीएम की मौजूदगी में हुई कोर कमेटी की बैठक के बाद विस्तार का खाका तैयार होने की बात कही जा रही है।
वहीं, भाजपा के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक 15 अप्रैल तक मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही निगम और बोर्डों में भाजपा पदाधिकारियों के मनोनयन का काम पूरा करने की टाइमलाइन तय कर दी गई है। जल्द ही दिल्ली में बैठक होने वाली है, जिसमें मंत्रिमंडल के विस्तार समेत अन्य पदाधिकारियों के मनोनयन को फाइनल कर दिया जाएगा।
दरअसल कुछ दिनों से ठंडा पड़ी मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा शनिवार को अचानक तेज हो गई। इसकी वजह यह रही कि शनिवार को मुख्यमंत्री वाराणसी से सीधे दिल्ली गए और कुछ ही घंटों में लौट आए। सीएम के दिल्ली जाने को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया। हालांकि सीएम किसी सियासी दौरे पर नहीं गए थे, बल्कि वह एक मीडिया चैनल हेड के यहां मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। लेकिन सियासी गलियारों में उनके इस दिल्ली दौरे को मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़कर चर्चा होने लगी।
तय हो चुके हैं नाम
दूसरी ओर पार्टी के भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल के विस्तार की प्रतीक्षा जल्द ही खत्म होने वाली है। प्रस्तावित फेरबदल के खाका पर लगभग सहमति बन चुकी है और नाम भी तय हो चुके हैं, लेकिन दूसरे प्रदेशों में हो रहे चुनावों में व्यस्त होने के कारण पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ इस मुद्दे पर फाइनल बैठक नहीं हो पा रही है।
उधर विस्तार की अटकले तेज होने पर मंत्री पद के दावेदार भी सक्रिय हो गए हैं। उनका दिल्ली दौरा फिर से शुरू हो चुका है। वहीं, मौजूदा मंत्रियों के बीच भी हलचल बढ़ गई है। संभावित फेरबदल को लेकर कई मंत्रियों की धड़कनें तेज हो गई हैं, क्योंकि विस्तार के साथ प्रदर्शन के आधार पर बदलाव की भी संभावना जताई जा रही है। ऐसे में कुछ मंत्रियों की जिम्मेदारियों में कटौती या उन्हें बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है। राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं कि जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिहाज से इस बार कैबिनेट में अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
