नई दिल्ली,संवाददाता :दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास का अतिक्रमण एमसीडी ने बुलडोजर चलाकर हटा दिया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया और कुछ लोगों ने पथराव भी किया लेकिन पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर हालात काबू किए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे।
देश की राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण पर एमसीडी की बुलडोजर कार्रवाई की। MCD ने दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। देर रात हुई कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। देखते ही देखते भीड़ आक्रोशित हो गई। भीड़ ने पुलिस और कार्रवाई कर रही टीम पर पथराव कर दिया। पथराव के बाद इलाके में तनाव का माहौल हो गया।
हालांकि पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के कार्रवाई के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पत्थराव कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर हालात काबू किए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। फिलहाल स्थिति सामान्य है।
जानकारी के अनुसार, दिल्ली के रामलीला मैदान इलाके में सैयद फैज इलाही मस्जिद और पास के कब्रिस्तान से सटी ज़मीन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हिंसक रूप ले ली। दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकारी जब तोड़फोड़ करने पहुंचे, तो स्थानीय लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर पत्थरबाजी की, जिसमें कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।
उपद्रवियों ने पत्थरबाजी कर अशांति फैलाने का किया प्रयास
सेंट्रल रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, एमसीडी ने सात जनवरी को तड़के दिल्ली के रामलीला मैदान के पास तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाया। इस कार्रवाई के दौरान, कुछ उपद्रवियों ने पत्थरबाजी करके अशांति फैलाने का प्रयास किया। संयमित और न्यूनतम बल प्रयोग से स्थिति को तुरंत नियंत्रण में लाया गया और बिना किसी तनाव के सामान्य स्थिति बहाल की गई।
अतिक्रमण हटाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को सैयद फैज इलाही मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी जमीन पर कथित अतिक्रमण हटाने के अधिकारियों के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), शहरी विकास मंत्रालय के भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ), लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और दिल्ली वक्फ बोर्ड से जवाब मांगा है।
गौरतलब है कि 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास एक कार में हुए उच्च तीव्रता वाले विस्फोट से पहले कथित आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी ने पुरानी दिल्ली की इस सदी पुरानी मस्जिद में 10 मिनट से अधिक समय बिताया था। इस विस्फोट में 15 लोगों की मौत हो गई थी।
न्यायमूर्ति अमित बंसल की पीठ ने मस्जिद सैयद फैज इलाही की प्रबंध समिति द्वारा दाखिल याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि मामला विचारणीय है। पीठ ने संबंधित अधिकारियों को चार सप्ताह के अंदर याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल निर्धारित की।
