मुख्य कर्मचारी एवं कल्याण निरीक्षक के विरुद्ध उत्पीड़न की कार्रवाई पर रोक

ALLAHABAD-HIGHCOURT

प्रयागराज, संवाददाता : थाना करेली के अंतर्गत रहने वाले रंजीत सिंह जो डीआरएम ऑफिस प्रयागराज में मुख्य कर्मचारी एवं कल्याण निरीक्षक के पद पर कार्यरत है। उनके घर मे आठ लाख तक का धनंजय मिश्रा नैनी के टिंबर व्यापारी ने खिड़की दरवाजा आदि लगाया था और आरोप लगाया कि गाली गलौच कर पैसा नही देने पर थाना करेली में एफ आई आर दर्ज करा दिया जिस पर पुलिस ने चार्जशीट लगा दिया और न्यायालय ने संज्ञान लेकर याची को तलब कर लिया।

याची की ओर से अधिवक्ता सुनील चौधरी ने न्यायमूर्ति समित गोपाल के समक्ष बहस में बताया कि याची शरीफ आदमी है और डी आर एम (रेलवे) ऑफिस में मुख्य कर्मचारी एवं कल्याण निरीक्षक के पद पर नियुक्त है एवं म्यूजिशियन भी है याची की कोई क्रिमिनल हिस्ट्री नहीं है शिकायतकर्ता ने 8 लाख का बिल बना दिया, लेकिन घर में पूरा कंपलीट लकड़ी दरवाजे का काम नहीं किया।

याची ने जितना काम हुआ उतना पैसा दे चुका है और बिना पूरा काम किये जबरदस्ती पैसा मांग कर खुद प्रार्थी को गाली गलौज और धमकी देकर कर झूठी एफ.आई.आर दर्ज कर दिया जबकि मामला पैसे के लेनदेन का सिविल विवाद है उसको अपराधिक रंग देकर मुकदमा दर्ज करा दिया जबकि आर. टी.आई. से प्राप्त सूचना में शिकायतकर्ता ने खुद 112 नंबर पुलिस पर कॉल करके केवल यह बताया कि याची पैसा नहीं दे रहे हैं।

जिस पर न्यायालय सरकार की ओर से उपस्थित शासकीय अधिवक्ता को फटकार लगाते हुए शिकायतकर्ता को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में सरकार व शिकायतकर्ता से जवाब मांगा है और याची के विरुद्ध अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ,कक्ष संख्या 7 प्रयागराज को अगली सुनवाई तक याची के विरुद्ध उत्पीड़न की कार्रवाई पर रोक लगा दी। अगली सुनवाई की तारीख 25- 10 -2024 नियत की गई ।

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