दिल्ली, संवाददाता : नवादा स्थित किरण गार्डन में एक भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के प्रबुद्धजन, संत-महात्मा और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सम्मेलन का उद्देश्य सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाना, सामाजिक समरसता को मजबूत करना और राष्ट्रहित के प्रति सामूहिक चेतना को सशक्त करना रहा।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुदर्शन राष्ट्रनिर्माण के राष्ट्रीय प्रभारी डॉ. पवन आर्य उपस्थित रहे। वहीं मुख्य वक्ता के रूप में विभाग कार्यवाह श्री वल्लभ पाठक ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन सुमन झा ने किया, जिन्होंने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संपन्न कराया।
संस्कृति और राष्ट्र निर्माण पर हुआ मंथन
सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने सनातन संस्कृति की जड़ों को मजबूत करने, युवाओं को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने और समाज में बढ़ती चुनौतियों के बीच एकजुट रहने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता वल्लभ पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि समाज की शक्ति उसकी एकता और सांस्कृतिक पहचान में निहित होती है। उन्होंने कहा कि जब तक हम अपनी परंपराओं और मूल्यों को आत्मसात नहीं करेंगे, तब तक सशक्त राष्ट्र निर्माण संभव नहीं है।
पुस्तक के माध्यम से वैचारिक संदेश
कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ता ने ‘कैसे बने इस्लामी देश’ धर्मयोद्धा डॉ. सुरेश चव्हाणके जी द्वारा लिखित पुस्तक का भी उल्लेख किया और उसके विचारों को समाज तक पहुंचाने की बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसे साहित्य समाज में वैचारिक जागरूकता और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सम्मेलन के अंत में राष्ट्रीय प्रभारी डॉ. पवन आर्य ने मुख्य वक्ता श्री वल्लभ पाठक को उक्त पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया। यह क्षण कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।
सम्मेलन में मौजूद संत-महात्माओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन केवल विचार-विमर्श तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि समाज में ठोस कार्य के रूप में भी दिखाई देने चाहिए। यह सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकता का एक सशक्त संदेश था। प्रतिभागियों ने इसे प्रेरणादायी और उत्साहवर्धक बताया।
समापन के दौरान राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प दोहराया गया। आयोजन ने नवादा क्षेत्र में सामाजिक जागरूकता और संगठनात्मक ऊर्जा को नई दिशा देने का कार्य किया।
