नई दिल्ली वर्ल्ड डेस्क : PM Modi India New Zealand trade deal : न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने शनिवार को कहा कि भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से ज्यादा रोजगार बढ़ेंगे। साथ ही निर्यात और आय में भी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने यह बात तब कही जब भारत और न्यूजीलैंड ने एक व्यापक और लंबे समय से प्रतीक्षित एफटीए (मुक्त व्यापार समझौता) पूरा किया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लक्सन ने कहा, “हमने कहा था कि हम अपने पहले कार्यकाल में भारत के साथ एक मुक्त व्यापार समझौता करेंगे और हमने इसे पूरा किया। इस ऐतिहासिक समझौते का मतलब 1.4 अरब भारतीय उपभोक्ताओं के लिए दरवाजे खोलकर ज्यादा नौकरियां, ज्यादा आय और ज्यादा निर्यात करना है।”
एफटीए वार्ता नौ महीनों में पूरी
एफटीए पर बातचीत औपचारिक रूप से 16 मार्च को शुरू हुई थी। नौ महीनों में पूरे हुए इस समझौते का स्वागत करते हुए लक्सन ने कहा, ” बेसिक्स को ठीक करो। भविष्य का निर्माण करो।” इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-न्यूजीलैंड एफटीए को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया था।
पीएम मोदी ने भारत-न्यूजीलैंड एफटीए को ऐतिहासिक बताते हुए द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और सहयोग को मजबूती मिलने की बात कही
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “भारत-न्यूजीलैंड संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण, द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को मजबूत बढ़ावा। मेरे दोस्त पीएम क्रिस्टोफर लक्सन और मैंने ऐतिहासिक भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के पूरा होने के बाद कुछ समय पहले बहुत अच्छी बातचीत की।”
एफटीए भारतीय निर्यात पर ड्यूटी खत्म करता है। साथ ही दीर्घकालिक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के लिए 15 वर्षों में 20 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता भी है। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, यह भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों तक बाजार पहुंच को बढ़ाता है। इन क्षेत्रों में कपड़ा, परिधान, चमड़ा, जूते, समुद्री उत्पाद, रत्न और आभूषण, हस्तशिल्प, इंजीनियरिंग सामान और ऑटोमोबाइल शामिल हैं, जो सीधे भारतीय श्रमिकों, कारीगरों, महिलाओं, युवाओं और एमएसएमई का समर्थन करता है और उन्हें ग्लोबल वैल्यू चेन में गहराई से एकीकृत करता है।
इस बीच, वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, भारत ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अच्छी सफलता हासिल की है। इनमें आईटी और आईटी-सक्षम सेवाएं (जैसे सॉफ्टवेयर और कंप्यूटर सेवाएं), पेशेवर सेवाएं (जैसे वकील, इंजीनियरिंग, लेखा), शिक्षा (ऑनलाइन कोर्स, ट्रेनिंग), वित्तीय सेवाएं (बैंकिंग, बीमा), पर्यटन, निर्माण (बिल्डिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर) और अन्य बिजनेस सेवाएं शामिल हैं।
