वाराणसी ,संवाददाता :Ganj Shahida Masjid Varanasi: गंज शहीदा मस्जिद पर रेलवे द्वारा चस्पा की गई नोटिस को एक सप्ताह पूरा हो गया है। इस बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने मस्जिद समेत ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थलों को लेकर चिंता जताई है। शुक्रवार को मस्जिद में दो हजार से अधिक नमाजियों ने जुमे की नमाज अदा की। भूमि स्वामित्व विवाद को लेकर मामला चर्चा में है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भारत में ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थलों को लेकर चिंता जताते हुए वाराणसी की गंज शहीदा मस्जिद का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि भारत में कई ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों को गिराने या उन्हें हटाने की कार्रवाई की जा रही है, जिससे अल्पसंख्यक समुदाय में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। जरदारी ने भारत से ऐसी कार्रवाइयों को तत्काल रोकने और अल्पसंख्यकों के अधिकारों तथा साझा सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि इस तरह के कदम सामाजिक सौहार्द और स्थिरता के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। वाराणसी के आदमपुर क्षेत्र स्थित गंज शहीदा मस्जिद पर रेलवे प्रशासन की ओर से चस्पा की गई नोटिस को शनिवार को एक सप्ताह पूरा हो गया उधर वाराणसी के आदमपुर क्षेत्र स्थित गंज शहीदा मस्जिद पर रेलवे प्रशासन की ओर से चस्पा की गई नोटिस को शनिवार को एक सप्ताह पूरा हो गया। रेलवे ने मस्जिद को अपनी भूमि पर निर्मित बताते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। इस कार्रवाई के बाद मस्जिद प्रबंधन समिति और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है। मस्जिद कमेटी का दावा है कि गंज शहीदा मस्जिद का इतिहास करीब एक हजार वर्ष पुराना है और यह रेलवे के अस्तित्व में आने से बहुत पहले से यहां मौजूद है। कमेटी के पदाधिकारियों का कहना है कि वे मस्जिद से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेज और साक्ष्य प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। साथ ही मामले के कानूनी पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है। शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान मस्जिद परिसर में दो हजार से अधिक नमाजी एकत्र हुए। नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, हालांकि मस्जिद को लेकर चल रही चर्चाओं और नोटिस के कारण लोगों में उत्सुकता बनी रही। स्थानीय प्रशासन भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। गौरतलब है कि रेलवे प्रशासन और मस्जिद प्रबंधन के बीच भूमि स्वामित्व को लेकर विवाद सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आया है। नोटिस जारी होने के बाद से विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की भी इस पर नजर बनी हुई है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण पर टिकी हैं। Post navigation UP : 2.17 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में आई 4352.40 करोड़ की सम्मान निधि हिस्ट्रीशीटर के घर चला बुलडोजर, ध्वस्तीकरण कार्रवाई से इलाके में हड़कंप