कानपुर , संवाददाता : मार्बल व्यापारी के प्लॉट पर कब्जा कर पांच लाख की रंगदारी मांगने के आरोप में कानपुर देहात के पूर्व शासकीय अधिवक्ता अवध बिहारी यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। पीड़ित व्यापारी की तहरीर पर चकेरी पुलिस ने ऑपरेशन महाकाल के तहत यह कार्रवाई की है।
गोपालनगर निवासी देवेंद्र सिंह मार्बल व्यापारी हैं। उनकी पीएसी मोड़ बाईपास पर दुकान है। उन्होंने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2017 में रामपुरम दहेली सुजानपुर में 200 वर्ग गज का प्लॉट खरीदा था। प्लॉट पर निर्माण कराते समय श्यामनगर निवासी पूर्व शासकीय अधिवक्ता अवध बिहारी यादव ने बेटे विशाल और साथी संजय के साथ आकर काम रुकवा दिया। कहा था कि यह जमीन उसकी है।
धमकी दी थी कि मकान बनवाना है तो पांच लाख रुपये देने होंगे। साथ ही ज्ञाननगर हाउसिंग सोसाइटी का बोर्ड भी जबरन प्लॉट पर लगा दिया। आरोप लगाया कि एक दिन दुकान में अवध बिहारी बेटे और संजय के साथ आ धमके और पांच लाख रुपये देने का दबाव बनाने लगा। जान बचाने के लिए दुकान में रखा एक लाख रुपये उसे दे दिया। इसके बाद आरोपी ने कई बार व्हाटसअप कॉल कर बाकी के चार लाख रुपये मांगे। साथ ही धमकाया कि रुपये न दिए पर झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भिजवा देगा।
डीसीपी ईस्ट सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि अवध बिहारी को उसके घर से रविवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उसके खिलाफ पहले से चार मुकदमे दर्ज हैं। वह जमीनों को विवादित बताकर उसके मालिकों से लाखों की वसूली करता है। साथ ही ऐसी जमीनों को औने-पौने दामों में खरीदता है। उसे वर्ष 2020 में यूपी बार काउंसिल में जमीन के एक मामले के चलते एक साल के लिए डिबार भी किया था।