नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) का उद्देश्य पूरे देश में 2 साल में 3.5 करोड़ से ज्यादा नई नौकरियां पैदा करना है। इस योजना के लिए सरकार ने 99,446 करोड़ रुपए का बजट तय किया है।
पीएमवीबीआरवाई के ‘भाग ए’ में पहली नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को एक महीने की EPF सैलरी तक, अधिकतम 15,000 रुपए प्रोत्साहन मिलेगा
श्रम और रोजगार मंत्रालय और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने राज्यसभा में बताया कि योजना के ‘भाग ए’ के तहत जो कर्मचारी पहली बार नौकरी करते हैं, उन्हें सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि कर्मचारी की एक महीने की ईपीएफ सैलरी के बराबर होगी, जिसकी अधिकतम सीमा 15,000 रुपए है।
प्रोत्साहन राशि दो किस्तों में दी जाएगी-छह महीने पूरे होने पर 7,500 रुपए और 12 महीने तथा वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने पर शेष राशि
प्रोत्साहन राशि रोजगार के पहले वर्ष के दौरान दो किस्तों में दी जाएगी
उन्होंने कहा कि यह प्रोत्साहन राशि रोजगार के पहले वर्ष के दौरान दो किस्तों में दी जाएगी। पहली किस्त, जो अधिकतम 7,500 रुपए होगी, नौकरी के 6 महीने पूरे होने पर दी जाएगी। वहीं दूसरी किश्त 12 महीने की नौकरी पूरी होने और एक वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद मिलेगी। यह दूसरी राशि सीधे बचत खाते या किसी सुरक्षित बचत योजना में जमा की जाएगी।
पीएमवीबीआरवाई के ‘भाग बी’ में छह महीने तक अतिरिक्त कर्मचारी रखने वाले नियोक्ताओं को प्रति कर्मचारी 3,000 रुपए मासिक सहायता मिलेगी
राज्य मंत्री ने कहा कि योजना के ‘भाग बी’ में कंपनियों और नियोक्ताओं को फायदा दिया जाएगा। अगर कोई नियोक्ता अतिरिक्त कर्मचारी को कम से कम 6 महीने तक नौकरी पर रखता है, तो उसे सरकार की ओर से हर ऐसे कर्मचारी के लिए हर महीने 3,000 रुपए तक की मदद दी जाएगी।
यह योजना अगस्त 2025 से जुलाई 2027 तक लागू रहेगी, रोजगार, कौशल और सामाजिक सुरक्षा बढ़ाने पर केंद्रित है
योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक लागू रहेगी
यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक लागू रहेगी। इसी अवधि में बनाई गई नौकरियों पर यह लाभ मिलेगा। इस योजना को 1 जुलाई 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। इसका मकसद रोजगार बढ़ाना, लोगों की काम करने की क्षमता बढ़ाना और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है, खासकर एमएसएमई, ग्रामीण उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में।
एबीआरवाई योजना से कोरोना काल में 60.49 लाख लोगों को लाभ मिला, और इसके लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 मार्च 2022 थी
इससे पहले सरकार ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना (एबीआरवाई) शुरू की थी, जो कोरोना महामारी के समय नौकरी देने वाले नियोक्ताओं को प्रोत्साहन देने के लिए लाई गई थी। मंत्री ने बताया कि इस योजना में रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 31 मार्च 2022 थी, जिसके तहत जुड़े लाभार्थियों को 2 साल तक लाभ मिला। सरकार के अनुसार, योजना की शुरुआत से लेकर 31 मार्च 2024 तक 60.49 लाख लोगों को इस योजना का लाभ प्रदान किया जा चुका है।
