नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : शिवराज सिंह चौहान की पहल पर मध्य प्रदेश के रायसेन में 11 से 13 अप्रैल तक उन्नत कृषि महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन आधुनिक तकनीक के जरिए खेती को तेज, सस्ती और सटीक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
आधुनिक तकनीक से ‘विकसित खेती–समृद्ध किसान’ का लक्ष्य
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह तीन दिवसीय महोत्सव दशहरा मैदान में आयोजित होगा, जहां प्रदर्शनी, प्रशिक्षण और लाइव डेमो के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य “विकसित खेती–समृद्ध किसान” के संकल्प को जमीन पर उतारना है।
अत्याधुनिक मशीनरी का लाइव प्रदर्शन
महोत्सव में ग्रीनलैंड एग्रो-टेक, सोनालिका, न्यू हॉलैंड, स्वराज सहित कई कंपनियां रीपर-बाइंडर, रोटावेटर, ट्रैक्टर, राइस ट्रांसप्लांटर, कॉटन हार्वेस्टर, सुपर सीडर जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों का लाइव प्रदर्शन करेंगी। किसान इन मशीनों के संचालन, रखरखाव और लागत-लाभ की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।
ड्रोन और स्मार्ट फार्मिंग बनेंगे गेम चेंजर
महोत्सव में ड्रोन के जरिए नैनो-उर्वरक और कीटनाशकों के छिड़काव का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही स्मार्ट फार्मिंग, डिजिटल मैपिंग, सेंसर आधारित खेती और मोबाइल एप के जरिए खेती प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी, जिससे किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन कर सकेंगे।
ड्रिप-स्प्रिंकलर से ‘प्रति बूंद अधिक फसल’
सूक्ष्म सिंचाई सेक्शन में ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम का लाइव डेमो होगा। यहां किसान सीखेंगे कि सीमित पानी में अधिक उत्पादन कैसे किया जा सकता है। जल संरक्षण, उर्वरक बचत और स्मार्ट सिंचाई को बढ़ावा देने पर विशेष जोर रहेगा।
पॉलीहाउस और कोल्ड स्टोरेज से बढ़ेगी आय
हॉर्टिकल्चर सेक्शन में पॉलीहाउस, शेड-नेट, मोबाइल कोल्ड-स्टोरेज और उन्नत बीजों का प्रदर्शन किया जाएगा। इससे किसानों को जलवायु-स्मार्ट खेती, फसल संरक्षण और बेहतर बाजार मूल्य हासिल करने के तरीके समझाए जाएंगे।
समेकित कृषि प्रणाली और पराली प्रबंधन पर फोकस
महोत्सव में समेकित कृषि प्रणाली, मल्टी-लेयर फार्मिंग और पराली प्रबंधन के आधुनिक मॉडल भी प्रदर्शित होंगे। नुक्कड़ नाटक के जरिए “कचरे से कंचन” का संदेश देते हुए पराली को संसाधन में बदलने की जानकारी दी जाएगी।
किसानों के लिए सीख और अवसर का मंच
यह कृषि मेला किसानों के लिए न सिर्फ नई तकनीक सीखने का अवसर होगा, बल्कि उन्हें आधुनिक खेती अपनाने, लागत घटाने और आय बढ़ाने के व्यावहारिक समाधान भी प्रदान करेगा।
