टिहरी, संवाददाता : चमियाला- इंदवाणगांव-कांगड़ा सड़क पर डामरीकरण और मरम्मत कार्य नहीं होने पर कांगड़ा गांव के लोगों ने आरपार की लड़ाई शुरू करने की चेतावनी दी है। कहा कि उन्हें जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने शासन-प्रशासन पर कांगड़ा गांव की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। रविवार को ग्राम प्रधान संजय सिंह की अध्यक्षता में कांगड़ा गांव के लोगों की बैठक हुई। 2017-18 में पांच किमी सड़क का निर्माण किया गया, लेकिन सड़क गांव तक नहीं जा पाई। इसके बाद लोनिवि ने 2020-21 में पूरी 10 किमी सड़क का निर्माण किया लेकिन डामरीकरण नहीं किया गया। आपदा से सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। डीएम को दिए ज्ञापन में ग्रामीणों ने जल्द मांग पर कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। बैठक में रामदेई, सरोजनी देवी, कमल देवी, अब्बल सिंह, विशन सिंह, उम्मेद सिंह, मदन सिंह, कविता देवी, सुमना देवी, भागवत सिंह, बीना देवी , हुकम सिंह, धर्म सिंह उपस्थित रहे। इस बाबत घनसाली विधायक शक्ति लाल शाह का कहना है कि लोनिवि को चमियाला- इंदवाणगांव-कांगड़ा पर डामरीकरण करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। शासनस्तर पर बजट की स्वीकृति के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। लोनिवि, ईई, घनसाली, ने बताया कि दिनेश चंद्र नौटियाल, चमियाला- इंदवाणगांव-कांगड़ा सड़क पर पांच किमी में डामरीकरण करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है जिसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। बजट की स्वीकृति मिलने पर सड़क पर डामरीकरण करने के साथ ही मरम्मत का कार्य किया जाएगा।– Post navigation उत्तराखंड की मनीषा मिजोरम के राज्यपाल की ADC नियुक्त 600 करोड़ की लागत से काठगोदाम-नैनीताल सड़क का होगा निर्माण