शिमला, संवाददाता : हिमाचल प्रदेश में नई रोड एक्सपीडिशन पर्यटन नीति के तहत फोर वाई फोर ड्राइव, मोटरसाइकिल एक्सपीडिशन, हाई-एल्टीट्यूड रूट्स और कारवां पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने रोड एक्सपीडिशन पर्यटन नीति तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह नीति बनने से जहां सरकार को आय का एक नया स्रोत मिलेगा, वहीं देश-विदेश से हिमाचल आने वाले पर्यटकों को नई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साहसिक ड्राइविंग गतिविधियां नियमों के अनुसार और सुरक्षित तरीके से संचालित होंगी। नई नीति के तहत फोर वाई फोर ड्राइव, मोटरसाइकिल एक्सपीडिशन, हाई-एल्टीट्यूड रूट्स और कारवां पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा।
ऑनलाइन परमिट प्रणाली शुरू की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और पर्यटकों को पहले से अनुमति प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही वाहन फिटनेस, अनिवार्य बीमा, सुरक्षा मानक और आपातकालीन सहायता तंत्र भी लागू किए जाएंगे। इस नीति से सरकार को परमिट शुल्क, पंजीकरण, आयोजन फीस और पर्यटन गतिविधियों से जुड़े करों के माध्यम से सीधी आय होगी।
इसके अतिरिक्त होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट, ईंधन, स्थानीय परिवहन और गाइड सेवाओं की मांग बढ़ने से प्रदेश पर्यटन कारोबारियों को भी लाभ होगा। ऑफ-सीजन में भी एडवेंचर ड्राइव प्रेमियों के आने से सालभर पर्यटन गतिविधियां जारी रहेंगी। बाहरी राज्यों से आने वाले एडवेंचर ड्राइव प्रेमियों को सुरक्षित और निर्धारित रूट, डिजिटल परमिट, स्पष्ट दिशा-निर्देश और आपातकालीन सहायता जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इससे उनका यात्रा अनुभव अधिक व्यवस्थित और भरोसेमंद होगा।
प्रदेश के पर्यटन कारोबारियों विशेषकर होमस्टे संचालकों, स्थानीय युवाओं, रेंट पर वाहन उपलब्ध करवाने वालों और मैकेनिकों को रोजगार और आय के नए अवसर मिलेंगे। यह नीति हिमाचल को राष्ट्रीय स्तर पर एडवेंचर टूरिज्म हब के रूप में स्थापित करेगी।
पर्यटन विभाग ने नीति पर मांगे सुझाव
पर्यटन विभाग के निदेशक विवेक भाटिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की रोड एक्सपीडिशन पर्यटन नीति बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। संबंधित हितधारकों से इसके लिए सुझाव भी मांगे गए हैं। हिमाचल आने वाले रोड एक्सपीडिशन प्रेमियों को ऑनलाइन परमिट उपलब्ध करवाए जाएंगे। सुरक्षा मानकों के लागू होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और पर्यटकों का विश्वास मजबूत होगा। इस पहल से प्रदेश की आय में वृद्धि के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
पर्यटन मंत्रालय ने भी जारी किए हैं सुरक्षा नियम
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने भी एडवेंचर टूरिज्म के लिए मॉडल सेफ्टी गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसमें लेंड बेस्ड एडवेंचर एक्टिविटी जैसे 4×4 जीप सफारी और हाई एल्टीट्यूड (ऊंचाई वाले) सेल्फ-ड्राइव ट्रिप शामिल हैं। इसमें सुरक्षा, लाइसेंसिंग और मानक संचालन प्रक्रिया दी गई है। राज्यों के पर्यटन विभागों को इन्हें अपनाने को कहा गया है।
