बरेली संवाददाता : उत्तर प्रदेश के बरेली से एक घर वापसी का मामला सामने आया है। यहां शाही देहात क्षेत्र के काशीपुर गांव का मूल निवासी सलीम ने हिंदू धर्म अपनाया है। रीति-रिवाज़ों के साथ उसने फिर से घर वापसी की है। साथ ही अपना नाम भी बदला है। यह मामला शुक्रवार (28 नंवबर) का बताया जा रहा है।
पिता की डांट के बाद छोड़ा था घर
गांव के बेदराम के बेटे ओमप्रकाश ने करीब 15 साल की उम्र में घर छोड़ दिया था। पिता की डांट से नाराज़ होकर वह बिना किसी पहचान पत्र के दिल्ली पहुंच गया। उस वक्त पहचान न होने के कारण उसे ठिकाना ढूंढने में भी काफी परेशानी हुई।
दिल्ली की उस्मानपुर बस्ती में रहने वाले कुछ स्थानीय लोगों ने उसकी नई पहचान ‘सलीम पुत्र ताहिर हुसैन’ के रूप में बनवाई। नई पहचान के साथ उसने वहीं बसने का फैसला किया। वहीं रहते हुए उसने मंगल नाम के व्यक्ति की बेटी शहारबानो से विवाह किया। दंपत्ति के तीन बेटियाँ और एक पुत्र जुम्मन हैं। सभी बेटियाँ अब विवाहित हैं।
एसआईआर फॉर्म ने जोड़ी पहचान की कड़ी
ओमप्रकाश ने बताया कि उसे एसआईआर फॉर्म के लिए माता-पिता से संबंधित दस्तावेज़ चाहिए थे। इसी वजह से वह अपने बेटे जुम्मन के साथ दिल्ली से बरेली जिले के भोजीपुरा में अपनी बहन चंद्रकली के घर पहुंचा। बाद में बहन के साथ काशीपुर गांव गया, जहां ग्रामीणों ने उसे देखते ही पहचान लिया।
ग्रामीणों ने कराया शुद्धिकरण, गांव ने किया स्वागत
गांव पहुंचते ही ओमप्रकाश ने लोगों के सामने अपनी इच्छा जताई कि वह दोबारा हिंदू धर्म अपनाना चाहता है और अब कभी गांव नहीं छोड़ेगा। ग्रामीणों ने मंदिर में गंगाजल से उसका शुद्धिकरण कराया। फूल-मालाएं पहनाकर, डीजे और बैंड-बाजों के साथ पूरे गांव में जुलूस निकालकर उसका स्वागत किया गया। उसके भाई रोशन लाल और ग्राम प्रधान बीरेंद्र ने मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की। बाद में परिजनों ने उसे उसके पुश्तैनी घर ले जाया।
चार दशक बाद मूल पहचान में वापसी
इस तरह दिल्ली में ‘सलीम’ के नाम से नया जीवन बिताने वाले ओमप्रकाश ने 40 साल बाद अपने गांव लौटकर न सिर्फ परिवार और समाज से अपना जुड़ाव फिर स्थापित किया, बल्कि अपनी मूल पहचान और धर्म में भी पुनः प्रवेश कर लिया।
