‘संघमित्रा’ का जलावतरण, नौसेना को मिलेगी नई ताकत

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कोलकाता , संवाददाता : गार्डेन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) ने बुधवार को भारतीय नौसेना के लिए अपने पहले नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (एनजीओपीवी) ‘संघमित्रा’ का जलावतरण किया।

कोलकाता स्थित शिपयार्ड में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वाइस एडमिरल संजय वात्सायन की पत्नी सरिता वात्सायन ने इस युद्धपोत का जलावतरण किया।

जीआरएसई नौसेना के लिए ऐसे चार अत्याधुनिक युद्धपोत बना रहा है। ‘संघमित्रा’ नाम सम्राट अशोक की पुत्री से प्रेरित है, जिन्होंने भगवान बुद्ध के संदेश के प्रचार के लिए श्रीलंका की यात्रा की थी।

करीब 113 मीटर लंबे और 3000 टन वजनी ये युद्धपोत 23 नाट्स तक की रफ्तार से चल सकेंगे। इनमें 8500 नाटिकल मील तक समुद्र में लगातार अभियान चलाने की क्षमता होगी।

युद्धपोत का उपयोग समुद्री निगरानी, तस्करी और घुसपैठ रोकने, एंटी पाइरेसी अभियान, खोज एवं बचाव कार्य, मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों में किया जाएगा।

जरूरत पड़ने पर इन्हें अस्पताल और विशेष अभियान सहायता पोत के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। वाइस एडमिरल संजय वात्सायन ने कहा कि भारतीय नौसेना अब केवल युद्ध के लिए ही नहीं, बल्कि समुद्री क्षेत्र में स्थिरता और सहयोग बनाए रखने के लिए भी तैयार है।

उन्होंने उन्नत युद्धपोतों के निर्माण में जीआरएसई की भूमिका की सराहना की। जीआरएसई के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक पीआर हरि ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में भी कई नए युद्धपोतों का जलावतरण और सुपुर्दगी की जाएगी।

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