जम्मू,संवाददाता : श्रीनगर पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि प्रसारित की गई सामग्री का उद्देश्य भय पैदा करना, सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ना और गैरकानूनी गतिविधियों को उकसाना है। प्रथम दृष्टया यह सामग्री विकृत कथनों और अपुष्ट सूचनाओं के प्रसार को दर्शाती है जो सार्वजनिक अशांति और सामाजिक असामंजस्य पैदा करने में सक्षम है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डिजिटल और सोशल मीडिया पर झूठी, मनगढ़ंत और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने के आरोप में नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी और श्रीनगर के पूर्व मेयर जुनैद अजीम मट्टू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
श्रीनगर पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि प्रसारित की गई सामग्री का उद्देश्य भय पैदा करना, सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ना और गैरकानूनी गतिविधियों को उकसाना है। प्रथम दृष्टया यह सामग्री विकृत कथनों और अपुष्ट सूचनाओं के प्रसार को दर्शाती है जो सार्वजनिक अशांति और सामाजिक असामंजस्य पैदा करने में सक्षम है। गलत सूचना फैलाने के ऐसे जानबूझकर किए गए प्रयास शांति, सुरक्षा और समग्र स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं। साइबर पुलिस स्टेशन श्रीनगर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 197(1)(घ) और 353(1)(ख) के तहत एफआईआर दर्ज की गई हैं। दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी गई है।
प्रवक्ता ने कहा, श्रीनगर पुलिस सार्वजनिक शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराती है। नागरिकों को सलाह है कि वे ऑनलाइन सामग्री साझा करने से पहले आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी सत्यापित करें। ऐसी अपुष्ट सामग्री प्रसारित करने से बचें जो सांप्रदायिक सद्भाव या सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ सकती है
