जौनपुर ( खुटहन ), आर.एन.दुबे : क्षेत्र के पिलकिछा श्मशान घाट पर विधवा जेठानी और देवरानी शव दाह कर परिवार का भरण पोषण कर रही है। घाट पर जिले के अतिरिक्त सुल्तानपुर,आजमगढ़,अंबेडकर नगर,प्रतापगढ़ जिले तक के शव जलाने के लिए लाए जाते हैं। यहां के मुख्य डोम घिन्निलाल चौधरी हैं।जो कई वर्षों से शव दाह किया करते थे।उनके अस्वस्थ होने की अवस्था में उनके दो पुत्र चुनमुन और संजय शव दाह का कार्य करते थे। किंतु दोनो की असामयिक मृत्यु हो जाने के उपरांत परिवार का सारा दारोमदार उनकी पत्नियों पर आन पड़ा। विधवा हुई जेठानी सरिता व देवरानी चुनमुन चौधरी गत लगभग आठ वर्षो से दोनो विधवा महिलाओं ने जीवन से संघर्ष करते हुए शव दाह करते हुए खुद के साथ साथ पूरे परिवार का जीवन यापन कर रही हैं। एक तरफ सरकार जहां महिला सशक्तिकरण को लेकर तमाम योजनाएं संचालित कर उन्हें आत्म निर्भर बनाने का दावा कर रही है। वही इन विधवाओं को कोई सरकारी सुविधाएं मयस्सर नहीं हो सकी। महिलाओं ने बताया कि दिन भर में कभी पांच ,कभी दस तो कभी पंद्रह शव जलाने के लिए आते हैं।कोई सौ रुपए तो कोई पचास रुपए दे देता है। इसी से परिवार का पालन हो जाता है। Post navigation Bareilly : मौलाना तौकीर की गिरफ़्तारी मामले में कोर्ट ने पुलिस को लगाई फटकार Lucknow : तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव “अनुभूति 2024” का शुभारंभ