नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को तिरुचिरापल्ली में भाजपा की तमिलनाडु इकाई द्वारा आयोजित ‘मोदी पोंगल’ समारोह में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक फसल उत्सव में उत्साहपूर्वक शिरकत की और 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले एक मजबूत राजनीतिक संदेश दिया।
महिलाओं ने 1,008 मिट्टी के बर्तनों में पोंगल की पारंपरिक रस्में निभाईं
भाजपा नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने मन्नारपुरम स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर केंद्रीय गृह मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में 2,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। सांस्कृतिक आयोजन के तहत महिलाओं ने 1,008 मिट्टी के बर्तनों में पोंगल की पारंपरिक रस्में निभाईं।
यह उत्सव ‘नम्मा ऊरु मोदी पोंगल विझा’ नारे के तहत मनाया गया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तमिल सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने की भाजपा की पहल को दर्शाता है। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पारंपरिक सफेद धोती और शर्ट पहने नजर आए। पार्टी नेताओं ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य जमीनी स्तर के समुदायों तक भाजपा की पहुंच बढ़ाना और तमिलनाडु में शासन को सांस्कृतिक पहचान से जोड़ना था।
इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री ने तिरुचिरापल्ली जिले के प्रमुख मंदिरों का दौरा किया। उन्होंने जंबुकेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद दक्षिण भारत के सबसे पूजनीय वैष्णव मंदिरों में शामिल रंगनाथस्वामी मंदिर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं का अभिवादन किया, उनसे हाथ मिलाया और आम लोगों से संक्षिप्त बातचीत भी की।
इस दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री के साथ केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, अर्जुन राम मेघवाल, मुरलीधर मोहोल और एल. मुरुगन सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। दौरे की संवेदनशीलता को देखते हुए तिरुचिरापल्ली में, विशेषकर मंदिर परिसरों और ‘मोदी पोंगल’ कार्यक्रम स्थल के आसपास, व्यापक पुलिस सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और ट्रैफिक डायवर्जन व भीड़ नियंत्रण के उपायों से स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
