कोलकाता ,संवाददाता : तृणमूल कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर जारी विवाद अब पार्टी के वित्तीय मामलों तक पहुंच गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री अरूप बिश्वास ने एक बैंक को पत्र लिखकर तृणमूल के बैंक खाते के संचालन पर तत्काल रोक लगाने का अनुरोध किया है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के कोषाध्यक्ष के रूप में उन्होंने विवाद सुलझने तक बैंक से खाते से किसी भी प्रकार की निकासी या संचालन संबंधी अधिकारों में बदलाव नहीं करने की अपील की है। इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित दो पृष्ठों के इस पत्र की पुष्टि नहीं हो सकी है। अरूप बिश्वास ने भी इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। बताया जा रहा है कि गत 12 जून को लिखे गए पत्र में अरूप बिश्वास ने कहा है कि पार्टी के भीतर विभिन्न गुट खुद को वैध नेतृत्व और अधिकृत पदाधिकारी बता रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट नहीं है कि खातों के संचालन का अधिकार किसके पास है। पत्र में आशंका जताई गई है कि अनधिकृत लोग पार्टी फंड का दुरुपयोग कर सकते हैं। साथ ही, पहले से हस्ताक्षरित चेकों के गलत इस्तेमाल और बिना उचित अनुमति के भुगतान किए जाने की भी आशंका भी व्यक्त की गई है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल के 58 विधायकों ने अलग गुट बनाकर विधानसभा अध्यक्ष से मान्यता प्राप्त कर ली है मालूम हो कि ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल के 58 विधायकों ने अलग गुट बनाकर विधानसभा अध्यक्ष से मान्यता प्राप्त कर ली है। ऋतब्रत को विपक्ष का नेता भी चुना गया है। वहीं, संसद में भी 20 बागी सांसद पार्टी नेतृत्व से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी आफ इंडिया (एनसीपीआइ) में विलय की घोषणा कर चुके हैं। इस बीच, बागी खेमे के विधायक कन्हैयालाल अग्रवाल ने कहा कि यदि पार्टी के कोषाध्यक्ष को फंड के दुरुपयोग की आशंका है तो बैंक से खातों पर रोक लगाने का अनुरोध करना उनके अधिकार क्षेत्र में आता है। मालूम हो कि गत पांच जून को तृणमूल ने पार्टी संगठन में फेरबदल करते हुए अरूप की जगह पूर्व सांसद शुभाशीष चक्रवर्ती को नया कोषाध्यक्ष नियुक्त किया था जबकि अरूप ने पार्टी के कोषाध्यक्ष के तौर पर बैंक को पत्र लिखा है। खाते में 675 करोड़ रुपये तृणमूल का खाता एक निजी बैंक की सेंट्रल प्लाजा शाखा में है। चुनाव आयोग को सौंपे गए पार्टी के आडिट दस्तावेजों के अनुसार इस खाते में लगभग 675 करोड़ रुपये जमा हैं। इस बारे में शुभाशीष चक्रवर्ती ने पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैं राज्य संगठन का कोषाध्यक्ष हूं जबकि अरूप अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के कोषाध्यक्ष थे। यह पूछे जाने पर कि क्या राज्य और अखिल भारतीय तृणमूल के अलग-अलग बैंक खाते हैं तो उन्होंने जवाब दिया कि खाता केवल एक ही है। मेसी प्रकरण में थाने में हाजिर हुए अरूप अदालत परिसर में अंडों की बौछार साल्टलेक स्टेडियम में अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबालर लियोन मेसी के कार्यक्रम में हुई अव्यवस्था के मामले में पूर्व खेल मंत्री अरूप बिश्वास तीन नोटिस के बाद अंतत: गुरुवार सुबह बिधाननगर दक्षिण थाने में हाजिर हुए। पुलिस ने उनसे करीब साढ़े तीन घंटे पूछताछ की। अरूप को आगामी 22 जून को फिर तलब किया गया है। उन्हें संबंधित दस्तावेज साथ लाने को कहा गया है। पूछताछ के बाद मीडिया से अरूप ने कहा कि इस मामले में उन्हें जो भी कहना है, अदालत में कहेंगे। थाने में पूछताछ के बाद अरूप वहां से अलीपुर अदालत परिसर में स्थित अपने अधिवक्ता के कक्ष में पहुंचे। वहां अधिवक्ताओं के एक वर्ग व कुछ लोगों ने कक्ष को घेरकर चोर-चोर के नारे लगाए। अरूप तीन घंटे बाद पुलिस के घेरे में कक्ष से निकले और अपनी कार में पहुंचे। उस दौरान उन पर अंडों की बौछार हुई। मालूम हो कि पिछले 13 दिसंबर को साल्टलेक स्टेडियम में अरूप समेत कुछ लोगों ने ग्राउंड पर मेसी को इस कदर घेर रखा था कि महंगे टिकट खरीदने के बावजूद दर्शक उन्हें देख नहीं पाए थे। इसके बाद उन्होंने सॉल्टलेक स्टेडियम में तोड़फोड़ की थी। इसी मामले में अरूप से पूछताछ चल रही है। Post navigation दुर्घटना की शिकार महिला की मदद को दी अपनी धोती, ‘हीरो’ बना चायवाला PAK : कप्तान फातिमा सना ने बनाया कीर्तिमान, पाक क्रिकेट के इतिहास में कभी नहीं हुआ ऐसा