गोरखपुर , संवाददाता : सीएम योगी ने कहा कि करीब बीस वर्ष पूर्व लोग तारामंडल क्षेत्र में रहने का साहस नहीं कर पाते थे। 1998 की बाढ़ के बाद यहां से लोग भाग रहे थे। यहां एकतरफ रामगढ़ताल की गंदगी थी तो दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। पर, आज विकास के चलते सबसे महंगी जमीन इस क्षेत्र की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तेजी से आगे बढ़ते देश, प्रदेश के साथ ही गोरखपुर भी तीव्र प्रगति कर रहा है। 2017 के बाद गोरखपुर में विकास की विस्तृत श्रृंखला तैयार हुई है। विकास से बढ़ी सुविधाओं का लाभ लंबे समय तक प्राप्त होता रहे, इसके लिए नागरिकों को भी विकास कार्यों के संरक्षण की जिम्मेदारी उठानी होगी।
सीएम योगी मंगलवार दोपहर तारामंडल क्षेत्र में वाटर बॉडी पर बने टूलेन ब्रिज के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने फीता काटकर तथा बटन दबाकर शिलापट्ट का अनावरण करके 14.33 करोड़ रुपये की लागत से बने इस ब्रिज (पुल) को जनता को समर्पित किया।
ब्रिज का निरीक्षण करने के बाद मंचीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में विकास से आए बदलाव की चर्चा करते हुए कहा
ब्रिज का निरीक्षण करने के बाद मंचीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में विकास से आए बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि 2017 के पहले गोरखपुर की छवि सुरक्षा के अभाव को लेकर थी। लोग माफिया और मच्छर से परेशान थे। गोरखपुर का नाम सुनकर लोग डरते थे। कोई निवेश करने नहीं आता था।
यहां का नौजवान अपनी पहचान का मोहताज था, नौकरी के लिए उसको भटकना पड़ता था, पहचान छुपाना पड़ता था। पर, आज उसको भटकना नहीं है और न ही पहचान छिपानी है। सीएम ने कहा कि वर्तमान में 50 हजार से अधिक नौजवानों को अकेले गोरखपुर के गीडा में उद्योगों के माध्यम से नौकरी और रोजगार प्राप्त हुआ है।
आज गोरखपुर को देखकर अचंभित और प्रफुल्लित होते हैं लोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जो भी गोरखपुर आता है, यहां के बदलाव को देखकर अचंभित और प्रफुल्लित होता है। गोरखपुर में चारो ओर फोरलेन-सिक्सलेन की कनेक्टिविटी है। यहां एम्स बन गया है। खाद कारखाना और पिपराइच में चीनी मिल फिर से चल पड़ी है।
उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान, आयुष विश्वविद्यालय, चिड़ियाघर, बेहतरीन पर्यटन स्थल रामगढ़ताल, कई होटल्स सहित अनेक सुविधाओं का यहां विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर का विकास सामुदायिकता के भाव से किए गए कार्य का परिणाम है। यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि कोई भी विकास कार्यों और सुविधाओं का नुकसान न करने पाए।
तारामंडल क्षेत्र बना समृद्धि का प्रतीक
सीएम योगी ने कहा कि करीब बीस वर्ष पूर्व लोग तारामंडल क्षेत्र में रहने का साहस नहीं कर पाते थे। 1998 की बाढ़ के बाद यहां से लोग भाग रहे थे। यहां एकतरफ रामगढ़ताल की गंदगी थी तो दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। पर, आज विकास के चलते सबसे महंगी जमीन इस क्षेत्र की है।
उन्होंने कहा कि वाटर बॉडी पर टूलेन ब्रिज बनने से इस समूचे क्षेत्र में इंटरनल कनेक्टिविटी और मजबूत हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा समृद्धि के प्रतीक के रूप में इस क्षेत्र को सबसे पॉश कॉलोनी माना जा रहा है। इस क्षेत्र में रामगढ़ताल पर्यटन का शानदार केंद्र बना है, चिड़ियाघर इसी क्षेत्र में है।
यहां कन्वेंशन सेंटर बन रहा है, तारामंडल का पुनरोद्धार हो रहा है, साइंस पार्क बनाया जा रहा है। साथ ही वाटर बॉडी का भी व्यवस्थित रूप से सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। सीएम ने जीडीए के अफसरों से कहा कि वे वाटर बॉडी को रामगढ़ताल के समकक्ष जोड़ने का प्रयास करें।
इस वाटर बॉडी में पानी बहता हुए दिखाई देना चाहिए जहां नौकायन का भी लोग आनंद उठा सकें। वाटर बॉडी के किनारे लोग परिवार सहित आ सकें, बच्चे खेल सकें। उन्होंने स्वच्छता और सुंदरता को लेकर मोहल्ले स्तर पर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का आह्वान किया।
मजदूरों के साथ फोटो खिंचवाई सीएम योगी ने
तारामंडल क्षेत्र में वाटर बॉडी पर बने ब्रिज का लोकार्पण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब इस ब्रिज का निरीक्षण कर रहे थे, तभी उनकी नजर किनारे खड़े मजदूरों पर पड़ गई। मुख्यमंत्री ने उन्हें अपने पास बुला लिया और श्रम शक्ति का सम्मान करते हुए उनके साथ फोटो खिंचवाई। सीएम का सानिध्य पाकर मजदूर बेहद प्रफुल्लित नजर आए। ब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बच्चों से भी मुलाकात की और उन पर प्यार-दुलार लुटाया।
