आगरा , संवाददाता :Agra News : इंसाफ की आस में 63 दिनों से बूढ़ी मां, विधवा पत्नी और तीन मासूम बच्चे धरने पर बैठे हुए हैं, लेकिन इस परिवार का दर्द सुनने वाला कोई नहीं है। सदर तहसील में मृतक रवि का परिवार धरना दे रहा है। इसकी वजह दक्षिणांचल और आउटसोर्स कंपनी की बेरुखी है। 9 अप्रैल 2025 को किरावली तहसील के सामने ट्रांसफॉर्मर में मरम्मत के दौरान करंट आ गया था। विभागीय लापरवाही के कारण शटडाउन और रोस्टर टाइम के दौरान लाइन में करंट आने से गंभीर घायल हुए रवि सोलंकी ने 15 अप्रैल को दम तोड़ दिया था। उस समय ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर हंगामा किया था। एफआईआर दर्ज कराने पर अड़े ग्रामीणों से दक्षिणांचल के अधिशासी एवं सहायक अभियंता ने 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और पांच लाख बीमा राशि देने का लिखित आश्वासन दिया था। परिवार को 7.50 लाख रुपये मिले लेकिन शेष धनराशि नहीं मिली। इस पर 12 नवंबर से रवि की मां, विधवा पत्नी और तीन बच्चे सदर तहसील में धरने पर बैठे हुए हैं। यह हाल तब है जब जिलाधिकारी अरविंद बंगारी पांच बार दक्षिणांचल अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं। समाजसेवी चौ. दिलीप सिंह ने बताया कि 63 दिन से रात में परिवार तहसील परिसर में सो रहा है। आउटसोर्स कंपनी ने 30 हजार रुपये मांगे थे। इस वजह से आर्थिक सहायता नहीं मिली। इस संबंध में डीएम अरविंद बंगारी का कहना है कि लापरवाह कंपनी और अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। Post navigation UP : गलन-ठिठुरन की चपेट में प्रदेश, न्यूनतम तापमान ने बनाया रिकॉर्ड Shahjahanpur : GST चोरी करने में बैंक के सेल्स मैनेजर समेत दो गिरफ्तार