नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में आज आम चुनाव के लिए वोटिंग शुरू हो गई है। भारतीय समयानुसार सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है। यह चुनाव 2024 के उस हिंसक आंदोलन के बाद हो रहे हैं, जिसके कारण 15 साल से शासन कर रही तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटना पड़ा था।
शेख हसीना की सरकार गिरने के 18 महीने बाद यह चुनाव हो रहा है। बांग्लादेश में हो रहे चुनाव को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वोटिंग को लेकर मतदाताओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। बांग्लादेश की 300 संसदीय सीटों के लिए 12.7 करोड़ मतदाता वोट डाल रहे हैं। बांग्लादेश के चुनाव में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग चुनाव से बाहर है। चुनावी में जमात-ए-इस्लामी और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के बीच टक्कर देखने को मिल सकती है।
- बांग्लादेश के चुनाव आयोग के अनुसार, दोपहर 12:00 बजे तक 32,789 मतदान केंद्रों पर 32.88 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गय
- BNP अध्यक्ष तारिक रहमान ने सभी नागरिकों से अपने-अपने मतदान केंद्रों पर जाकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की
- बांग्लादेश के गोपालगंज में मतदान केंद्र पर देसी बम विस्फोट में तीन लोग घायल
- निचूपारा इलाके में रेशमा इंटरनेशनल स्कूल मतदान केंद्र पर सुबह करीब 9 बजे हुआ विस्फोट
- जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार खालिदुज जमान का आरोप- हालात अच्छे नहीं हैं
- खालिदुज बोले- मैंने कुछ जगहों पर देखा बिना पोलिंग एजेंट के, एक अलग कमरे में, कोई पेपर सील कर रहा है
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के चीफ एडवाइजर मुहम्मद यूनुस ने किया मतदान
- शेख हसीना के बेटे ने बैलेट में धांधली का आरोप लगायाहसीना के बेटे सजीब का आरोप- पोलिंग ऑफिशियली शुरू होने से पहले बैलेट पेपर पर कुछ उम्मीदवारों के पक्ष में
- BNP के चेयरमैन तारिक रहमान ने किया मतदान
- तारिक ने ढाका के एक पोलिंग सेंटर पर अपना वोट डाला
- ढाका की मीरपुर-10 पर जमात और BNP समर्थकों के बीच झड़प
- मतदान से पहले जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीकुर रहमान का आरोप
- ढाका-15 निर्वाचन क्षेत्र में 13 मतदान बूथों में तोड़फोड़
- शफीकुर रहमान ने सोशल मीडिया पर जारी किया बयान
- नीतिगत चर्चा से दूर रहने वाले लोग अपना रहे हिंसा का रास्ता
- डर और दबाव की राजनीति से उन्हें रोका नहीं जा सकता
- बांग्लादेश में वोटिंग के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
- 10 लाख सुरक्षाकर्मियों की तैनाती
- मतदान केंद्र पर मतदाताओं की लंबी कतारें
