कटिहार, संवाददाता : परिवर्तन के इस दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी सफलता का परचम लहरा रही हैं। इसी कड़ी में कोढ़ा प्रखंड के महिनाथपुर गांव की महिला किसान मधुलता देवी विदेशी फल ड्रैगन फ्रूट की खेती कर आत्मनिर्भर बनी है। परंपरागत खेती से हटकर उन्होंने ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की और आज इससे अच्छी आमदनी प्राप्त कर रही हैं। मधुलता देवी ने करीब पांच वर्ष पहले अपने पति संजय कुमार सिंह के सहयोग से यूट्यूब के माध्यम से हाईटेक खेती की जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने कृषि विभाग से सलाह लेकर पश्चिम बंगाल से ड्रैगन फ्रूट के पौधे मंगवाए और अपने खेत में इसकी खेती शुरू की। वर्तमान में वे लगभग 10 कट्ठा जमीन में इसकी खेती कर रही हैं, जिसमें करीब 930 पौधे लगाए गए हैं। मधुलता देवी बताती हैं कि ड्रैगन फ्रूट के पौधे 120 से 150 रुपये प्रति पौधा मिल जाते हैं और इन्हें लगभग दस फीट की दूरी पर लगाया जाता है। फूल आने के लगभग डेढ़ महीने बाद फल तैयार पौधों को सहारा देने के लिए सीमेंट के खंभे लगाए जाते हैं। फूल आने के लगभग डेढ़ महीने बाद फल तैयार हो जाता है और साल में लगभग तीन बार फलन होता है। बाजार में इसका मूल्य 300 से 400 रुपये प्रति किलो तक मिलता है। महिला किसान के अनुसार, ड्रैगन फ्रूट की खेती में मेहनत अपेक्षाकृत कम होती है और मुनाफा अधिक मिलता है। अब तक वे करीब 15 लाख रुपये तक की आमदनी कर चुकी हैं। ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए तापमान सामान्य व दोमट तथा बालू मिश्रित खेतों की आवश्यकता होती है। यहां की मिट्टी और जलवायु ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए उपयुक्त है। -कृष्ण मोहन चौधरी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी ड्रैगन फ्रूट में विटामिन, आयरन और कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक हैं। -डॉ. अमित आर्य, चिकित्सक Post navigation International Women’s Day : शक्ति, संघर्ष और बदलाव की कहानी ‘Iran के हर सुप्रीम लीडर को मिलेगी मौत’, इजरायल ने तेहरान को धमकाया