नई दिल्ली, एंटरटेनमेंट डेस्क :कमाल अमरोही का नाम लेते ही फिल्म ‘महल’, ‘पाकीजा’, ‘दायरा’ और ‘रजिया सुल्तान’ का नाम याद आता है। कमाल अमरोही ने बहुत कम फिल्में निर्देशित कीं, लेकिन सबमें उन्होंने अपनी कला की अमिट छाप छोड़ी। वैसे तो वो 1938 से ही फिल्म जगत में कहानीकार और डायलॉग राइटर के रूप में उपस्थित थे, लेकिन उनको निर्देशक के रूप में पहचान मिली बांबे टाकीज की फिल्म ‘महल’ से।
Related News
भाजपा के लिए निवेश और रोजगार बनेगा जीत का आधार
लखनऊ,रिपब्लिक समाचार,विशेष शुक्ला : भाजपा सभी जिलों में इन्वेस्टर्स समिट के जरिए युवाओं को जोड़ने और माहौल बनाने की कोशिश…
Mainpuri : आठ भाई बने श्रवण कुमार, माता-पिता को कंधे पर बैठाकर करा रहे कांवड़ यात्रा
मैनपुरी,संवाददाता : त्रेता युग के श्रवण कुमार की कहानी तो सुनी ही होगी, लेकिन हम यहां कहानी बता रहे हैं…
क्वाड की वजह से भारत-अमेरिका के सम्बन्ध अच्छे-एंटनी ब्लिंकन
वॉशिंगटन, एजेंसी : भारत और अमेरिका के रिश्ते ‘क्वाड’ की वजह से लगातार नए-नए आयाम को छूते जा रहे हैं।…
