लखनऊ, डॉ.जितेंद्र बाजपेयी : उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने फर्जी फर्मों के जरिए करीब 200 करोड़ की जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। गुजरात से एक आरोपी गिरफ्तार हुआ। गिरोह फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल बनाकर टैक्स चोरी करता था। कई राज्यों में फैले नेटवर्क की जांच और कार्रवाई जारी है।
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) उत्तर प्रदेश ने फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके एक अहम सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरोह पर करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद अल्ताफ सोजतवाला पुत्र मुश्ताक भाई सोजतवाला, अहमदाबाद (गुजरात) का निवासी है। उसे 26 मार्च की रात गायकवाड़ हवेली थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और नकदी बरामद हुई है, जिनसे बड़े नेटवर्क के संचालन के संकेत मिले हैं।
फर्जी कंपनियां खोलकर बैंक खातों से करता था लेनेदेन
जांच में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों, जिनमें चार्टर्ड अकाउंटेंट आकाश पीयूष सोनी समेत अन्य शामिल हैं, के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्मों का पंजीकरण कराता था। इन फर्मों के जरिए फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार कर वास्तविक कारोबारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) उपलब्ध कराया जाता था, जिससे बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की जाती थी।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके पहचान पत्र और दस्तावेज हासिल करता था। इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी कंपनियां खोलकर बैंक खातों के माध्यम से लेनदेन दिखाया जाता और बाद में रकम को नकद या अन्य माध्यमों से वापस कर दिया जाता था।
एसटीएफ के अनुसार, यह गिरोह गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में सक्रिय था। अलीगढ़ में दर्ज एक मुकदमे की जांच के दौरान इस नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसके बाद एसटीएफ को कार्रवाई के लिए लगाया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर संबंधित न्यायालय में पेश किया जाएगा। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई जारी रहेगी।
