नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले एलपीजी टैंकर ‘एमटी सर्व शक्ति’ ने शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रूप से पार कर लिया है।
भारतीय कार्गो लेकर आ रहे इस जहाज के 13 मई को विशाखापत्तनम पहुंचने की उम्मीद है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस जहाज में 46,313 मीट्रिक टन एलपीजी लदी है। इस पर 20 सदस्यीय चालक दल सवार है और इसमें से 18 भारतीय नागरिक हैं।
13 मई को भारत आएगा एमटी सर्व शक्ति
ब्लूमबर्ग के अनुसार, ‘सर्व शक्ति’ फरवरी की शुरुआत में फारसी खाड़ी में दाखिल हुआ था और बाद में दुबई के पास ‘शिप-टू-शिप’ स्थानांतरण के जरिए उसने अपना माल प्राप्त किया।
इस जहाज को होर्मुज से पूरी तरह गुजरने में 10 से 14 घंटे का समय लगने की उम्मीद है। हालांकि, इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप, गलत स्थिति-निर्धारण या जहाजों के जान-बूझकर अपने ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर देने के कारण अस्पष्ट हो सकती है।
भारत के लिए कितना जरूरी MT सर्व शक्ति ?
दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल आयातक और दूसरे सबसे बड़े LPG उपभोक्ता के तौर पर भारत में आपूर्ति में रुकावटों को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
फरवरी के आखिर में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर किए गए हमलों के बाद से, नई दिल्ली ने LPG की खेप की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
इसके तहत भारतीय बंदरगाहों को निर्देश दिए गए हैं कि वे LPG टैंकरों को बर्थिंग और अनलोडिंग में प्राथमिकता दें और साथ ही घरेलू उत्पादन भी बढ़ाएं।
अप्रैल में इन प्रयासों को तब झटका लगा, जब ईरान ने पहले तो संकेत दिया कि होर्मुज फिर से चालू हो गया है, लेकिन बाद में उसकी सेना ने वहां से गुजरने की कोशिश कर रहे जहाजों पर गोलीबारी कर दी, जिससे कई जहाजों को पीछे हटना पड़ा।
उस दौरान, भारत से जुड़ा एक क्रूड टैंकर, ‘देश गरिमा’, अपने ट्रांसपोंडर को बंद करके ‘अदृश्य’ (dark) होने के बाद ही वहां से गुजर पाया। तब से, होर्मुज में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप पड़ी है।
हालांकि, भारत ने तेहरान के साथ सीधी बातचीत के जरिए इस संघर्ष के दौरान भी इस मार्ग से आठ LPG वाहक जहाजों को गुजारने में सफलता हासिल की है। इसके साथ ही, अधिकारी आपूर्ति के अतिरिक्त मार्गों की भी तलाश कर रहे हैं।
शुक्रवार को तेल मंत्री हरदीप पुरी ने बताया कि भारत ने अपने घरेलू LPG उत्पादन को 60% बढ़ाकर 54,000 टन तक पहुंचा दिया है, जबकि दैनिक मांग 10,000 टन घटकर 80,000 टन रह गई है।
सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित
इस बीच, बंदरगाह, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में घटनाक्रम के मद्देनजर समुद्री सुरक्षा और शिपिंग संचालन पर एक अपडेट जारी किया।
मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से संबंधित कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई है।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि शिपिंग महानिदेशालय का नियंत्रण कक्ष स्थिति की सक्रिय रूप से निगरानी कर रहा है। अब तक 2,922 से अधिक भारतीय नाविकों को खाड़ी क्षेत्र से सुरक्षित रूप से वापस लाया गया है। सभी बंदरगाहों पर संचालन सामान्य रूप से जारी है।
