नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कठोपनिषद का प्रसिद्ध संस्कृत श्लोक उद्धृत करते हुए आत्मजागरण, परिश्रम और लक्ष्य के प्रति अडिग रहने का संदेश दिया। पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में यह श्लोक किया साझा प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट में श्लोक साझा किया- “उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत। क्षुरस्य धारा निशिता दुरत्यया दुर्गं पथस्तत्कवयो वदन्ति॥” उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत। क्षुरस्य धारा निशिता दुरत्यया दुर्गं पथस्तत्कवयो वदन्ति॥ pic.twitter.com/i3PPlUoPm4— Narendra Modi (@narendramodi) January 13, 2026 श्लोक का अर्थ इस श्लोक का अर्थ है कि उठो, जागो और श्रेष्ठ लक्ष्य को प्राप्त कर ज्ञान हासिल करो। यह मार्ग आसान नहीं है, बल्कि उस्तरे की धार की तरह कठिन है, लेकिन इसी कठिन मार्ग पर चलकर सफलता और आत्मबोध प्राप्त होता है। इसी के साथ पीएम मोदी ने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे चुनौतियों से घबराएं नहीं, बल्कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर प्रयास के साथ अपने सपनों को साकार करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है और ऐसे प्रेरक विचार उन्हें आगे बढ़ने की शक्ति देते हैं। Post navigation Bangladesh : हिंदू ऑटो-रिक्शा ड्राइवर की बेरहमी से हत्या अंतरराष्ट्रीय सीमा पर BSF जवानों संग ग्रामीणों ने मनाई लोहड़ी