बैंकॉक, एनएआई : थाईलैंड, दक्षिण पूर्व एशिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। यहां आज रविवार को आम चुनावों के लिए वोटिंग शुरू हो गई है। वहां के लोग आज सैन्य प्रभुत्व और शाही प्रशासन के खिलाफ वोटिंग करेंगे। सीएनएन ने कहा कि थाईलैंड में युवा मतदाता सैन्य-प्रभुत्व वाले राज्य में बदलाव का आह्वान करते हुए वोटिंग करेंगे। 8 बजे से प्रारम्भ हुआ मतदान मतदान रविवार को भारतीय समयनुसार सुबह 8 बजे प्रारम्भ होगा और शाम 5 बजे समाप्त होगा। लगभग 52 मिलियन मतदाता अगले चार वर्षों के लिए 500 सीटों वाली नई प्रतिनिधि सभा के सदस्यों का चयन करेंगे। संसद के निचले सदन में कुल 500 सीटे हैं, जिसमें से 400 निर्वाचन क्षेत्र की सीटें हैं और शेष 100 सीटों को प्रत्येक पार्टी के कुल वोट शेयर के अनुपात में वितरित किया जाता है। वहीं, आम चुनावों में करीब 70 पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों को उतारा है। सैन्य-शाही प्रशासन के खिलाफ करेंगे वोटसीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक , थाईलैंड के मतदाता वहां के शासन में बदलाव चाहते हैं। वहां के मतदाता सेना की ताकत और यहां तक कि शाही प्रशासन में परिवर्तन करना चाहते हैं।14 मई का मतदान 2020 में युवा नेतृत्व वाले सामूहिक लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों के बाद पहला है और 2014 में एक सैन्य तख्तापलट के बाद दूसरा मतदान है। सेना ने साल 2014 में एक निर्वाचित सरकार को बाहर कर दिया था और एक रूढ़िवादी गुट को बहाल कर दिया था। दो दल लड़ रहे है चुनाव थाईलैंड में आज होने वाले चुनाव में दो दल लोकलुभावन फीउ थाई और प्रोग्रेसिव मूव फॉरवर्ड चुनावों का नेतृत्व कर रहे हैं। दोनों दलों ने सेना को राजनीति से हटाने के लिए अभियान चलाया है ।36 वर्षीय पेतोंगतरन शिनावतरा पार्टी के तीन प्रधानमंत्री उम्मीदवारों में से एक हैं और एक विवादास्पद राजनीतिक वंश के नवीनतम सदस्य हैं। प्रयुथ चान-ओचा सबसे लंबे कार्यकाल वाले पीएमअरबपति थाकसिन शिनावात्रा से जुड़ी एक पार्टी फीयू थाई को जनमत सर्वेक्षणों में बड़ी बढ़त हासिल है। वहीं, एक अन्य विपक्षी पार्टी मूव फॉरवर्ड है जो युवा मतदाताओं को जुटाने की कोशिश कर रही है। प्रयुथ चान-ओचा पहली बार 2014 में तख्तापलट होने के बाद सत्ता में आए थे। इसके साथ ही वह थाईलैंड के सबसे लंबे समय तक रहने वाले प्रधानमंत्रियों में से एक हैं। Post navigation कर्नाटक में नफरत का बाजार अब बंद : राहुल गाँधी पाक सेना अधिकारी पर जमकर बरसे इमरान खान