गोरखपुर, संवाददाता : वहीं, यदि यह अंतर 10 प्रतिशत से अधिक होता है तो आवंटी को संपत्ति लेने से इन्कार करने और जमा धनराशि ब्याज सहित वापस लेने का विकल्प मिलेगा। इस नीति में अतिरिक्त शुल्क को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। पहले कुछ चार्ज के नाम पर 30 प्रतिशत तक अतिरिक्त राशि जोड़ी जाती थी, जिसे अब घटाकर अधिकतम 16 प्रतिशत कर दिया गया है।
घर या प्लॉट खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने शासन की आदर्श कास्टिंग गाइडलाइन-2025 को अपनाते हुए नई व्यवस्था लागू कर दी है। इसके बाद प्राधिकरण की नई आवासीय योजनाओं में मकान और प्लॉट पहले के मुकाबले सस्ते मिलेंगे।
हालांकि यह नियम केवल नई योजनाओं पर लागू होगा, पुरानी योजनाओं की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। नई गाइडलाइन के अनुसार अब संपत्तियों की अंतिम कीमत वास्तविक लागत के आधार पर तय होगी। यदि किसी योजना में आवंटन अनुमानित कीमत पर किया गया है तो निर्माण पूरा होने के बाद वास्तविक लागत का अंतर आवंटी से लिया जाएगा।
वहीं, यदि यह अंतर 10 प्रतिशत से अधिक होता है तो आवंटी को संपत्ति लेने से इन्कार करने और जमा धनराशि ब्याज सहित वापस लेने का विकल्प मिलेगा। इस नीति में अतिरिक्त शुल्क को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है।
पहले कुछ चार्ज के नाम पर 30 प्रतिशत तक अतिरिक्त राशि जोड़ी जाती थी
पहले कुछ चार्ज के नाम पर 30 प्रतिशत तक अतिरिक्त राशि जोड़ी जाती थी, जिसे अब घटाकर अधिकतम 16 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे मकान और प्लॉट आम लोगों की पहुंच में आ सकेंगे। ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग को सबसे अधिक राहत मिलेगी।
इन श्रेणियों के लिए अतिरिक्त शुल्क क्रमश: 14 और 15 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही किस्तों में देरी पर लगने वाला पेनल ब्याज भी कम किया गया है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष आनंद वर्धन ने बताया कि नई गाइडलाइन से न केवल आवास सस्ते होंगे, बल्कि आम लोगों का घर का सपना भी अब पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।
