नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 21 अप्रैल 2026 को राउरकेला में आयोजित एक सार्वजनिक समारोह में तारामंडल एवं विज्ञान केंद्र और निर्मल मुंडा परिवेश पथ का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने जनजातीय संग्रहालय और एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र का भी लोकार्पण किया।
सुंदरगढ़ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत की सराहना
राष्ट्रपति ने कहा कि सुंदरगढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता, लोक संस्कृति और विरासत के लिए विशेष पहचान रखता है। यहां के जंगल, पहाड़, झरने और नदियां इस क्षेत्र को विशिष्ट बनाते हैं। उन्होंने इसे खेल और साहसिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया।
राउरकेला की बहुसांस्कृतिक पहचान पर जोर
द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि राउरकेला एक ऐसा शहर है जहां देश के विभिन्न हिस्सों से लोग आकर बसे हैं। इसने ओडिशा की कला, साहित्य, संस्कृति और जनजातीय परंपराओं को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आदिवासी विकास को बताया प्राथमिकता
उन्होंने कहा कि राष्ट्र का समग्र विकास तभी संभव है, जब समाज के हर वर्ग का विकास सुनिश्चित किया जाए। केंद्र और राज्य सरकारें आदिवासी कल्याण और उनके आर्थिक उत्थान के लिए कई योजनाएं चला रही हैं, जिससे सुंदरगढ़ जैसे क्षेत्रों में विकास की गति तेज हुई है।
जनभागीदारी से ही संभव विकसित भारत
राष्ट्रपति मुर्मु ने लोगों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी को आगे बढ़ने के साथ-साथ दूसरों को भी आगे बढ़ाने में मदद करनी चाहिए और समाज के पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए काम करना चाहिए।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। साथ ही, 2036 में ओडिशा राज्य के गठन के 100 वर्ष पूरे होंगे। ऐसे में विकसित ओडिशा और विकसित भारत के निर्माण के लिए सभी वर्गों की भागीदारी आवश्यक है।
