अलीगढ़, संवाददाता : इस पूरी घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में सुरक्षा नाम पर केवल खानापूरी की जाती है। यदि रास्ते में किसी और वारदात को अंजाम दे देते तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
उन्नाव में लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद चारों आरोपी बेखौफ होकर ऊंचाहार एक्सप्रेस में सवार होकर निकल पड़े। हैरानी की बात यह रही कि 21 बोगियों वाली इस लंबी ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल दो जीआरपी जवानों के कंधों पर थी। रास्ते में ट्रेन सात बड़े स्टेशनों से गुजरी, जहां जीआरपी चौकी और सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी, लेकिन किसी भी स्टेशन पर आरोपियों को पकड़ने की गंभीर कोशिश नहीं की गई।
उन्नाव से निकलने के बाद ट्रेन कानपुर सेंट्रल, इटावा, फिरोजाबाद, टुंडला और हाथरस जंक्शन जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर गुजरी। इन स्टेशनों पर पर्याप्त पुलिस बल और जीआरपी भी मौजूद रहती है, लेकिन आरोपियों को तलाशने को लेकर कोई बड़ा ऑपरेशन नजर नहीं आया। बुधवार की रात एक बजकर 30 मिनट पर जैसे ही पीड़ितों की सूचना दी गई, वैसे ही पुलिस ने चंद मिनट में हलचल कर ली। इसी बीच पता चला कि आरोपी ऊंचाहार एक्सप्रेस में सवार हैं और सूचना मिलते ही सभी रेलवे पुलिस अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया।
यह इसलिए भी चौंकाने वाला रहा कि पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद थी और पीड़ितों ने आरोपियों की पहचान भी कर ली थी। पुलिसकर्मियों को भी लगातार जानकारी मिल रही थी, लेकिन आरोपियों को पकड़ने की कोशिश तेज नहीं हुई। ट्रेन के अलीगढ़ पहुंचते ही संयुक्त टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए ट्रेन में से दो आरोपियों को दबोच लिया।
एक अधिकारी ने बताया कि ट्रेन में मौजूद दोनों जीआरपी जवानों की भी आरोपियों की जानकारी दी गई
वहीं मौके पर मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि ट्रेन में मौजूद दोनों जीआरपी जवानों की भी आरोपियों की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद 21 बोगियों में लगातार निगरानी और तलाश अभियान चलाना उनके लिए आसान नहीं था। यात्रियों की भीड़ और लंबी ट्रेन के चलते जवान केवल संदिग्ध पर नजर बनाए रखने तक सीमित रहे।
इस पूरी घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में सुरक्षा नाम पर केवल खानापूरी की जाती है। यदि रास्ते में किसी और वारदात को अंजाम दे देते तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। लोगों ने मांग की कि ऐसी ट्रेनों में सुरक्षा बल की संख्या बढ़ाई जाए।
चांदी और नकदी बरामद
सर्राफा की दुकान में घुसकर व्यापारी को घायल कर लूट की घटना को अंजाम देने वाले तीनों आरोपियों को जीआरपी ने अलीगढ़ और फिरोजाबाद स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से लूटी गई चांदी और नकदी बरामद की गई है। घटना के संबंध में तीन टीमें लगाई गई थीं। उन्नाव जीआरपी और एसओजी ने अलीगढ़ और फिरोजाबाद स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। बरामदगी में लूटी गई चांदी और नकदी बरामद की गई है। घटना के संबंध में तीन टीमें लगाई गई थीं।
